ठगी का नया फंडा, चेक में खेल कर एेसे हो रहा लाखों का हेरफेर
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देहरादून पुलिस ने बैंकों के चेकों में बदलाव कर दूसरों की रकम उड़ाने वाले हाईप्रोफाइल गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जबकि इस गैंग के पांच सदस्य अब भी फरार हैं। इन जालसाजों ने देहरादून और हरिद्वार के चार चेकों के जरिए करीब 15.50 लाख रुपये हड़प लिए।
इनमें से करीब 3.50 लाख रुपये पुलिस ने बरामद करके सीज कर दिए हैं। दो सदस्यों से फौरी पूछताछ में पता चला है कि गैंग ने देहरादून, हरिद्वार के अलावा दिल्ली में फर्जी आईडी के आधार पर विभिन्न बैंकों में 25 खाते खुलवाए थे। इन दोनों जालसाज तक पहुंचने में अमर उजाला में पुलिस की ओर से दिया गया विज्ञापन काफी मददगार साबित हुआ। विज्ञापन में लगी फोटो देखने के बाद आए फोन से मिले इनपुट ने पुलिस का काम आसान कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि हरिद्वार निवासी आलोक कुमार त्यागी ने 21 जुलाई को राजपुर रोड स्थित ओबीसी बैंक में दो चेक बाक्स में डाले थे, जो गायब हो गए। बाद में रकम दूसरे खातों में चली गई। एसएसपी ने बताया कि यह लोग सर्जिकल ब्लेड से चेक से पार्टी का नाम हटाकर एक विशेष केमिकल लगा देते थे, जिससे बदलाव पकड़ में नहीं आता था।
उन्होंने बताया कि शहर में पांच दिन में चेकों पर नाम बदलकर रकम डकारने के दो मामले सामने आए तो एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में एक टीम गठित की गई। जिन खातों में रकम गई, उनकी आईडी खंगाली गई। पता चला कि बैंकों ने फोटो तस्दीक करके खाते खोले गए, लेकिन तमाम आईडी फर्जी थीं। जो मोबाइल नंबर दिए गए थे, वो भी फर्जी आईडी पर थे।
इसके बाद पुलिस ने फर्जी आईडी पर खोले गए खाते पर लगी फोटो का विज्ञापन अमर उजाला में दिया तो अगले दिन आए फोन से पुलिस को जालसाज तक पहुंचने में काफी मदद मिली। उसी आधार पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिजनौर (यूपी) के धामपुर इलाके से नितिन चौहान निवासी शक्ति नगर धामपुर और मोहम्मद आशिफ जट नंगला बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। नितिन ने बीएससी के साथ एचएम की डिग्री भी ली थी। पूछताछ में आरोपियों ने घटनाएं स्वीकारते हुए अपने साथियों के नाम भी बता दिए
ऐसे करते थे चेकों में बदलाव
गैंग के दो सदस्य किसी भी बैंक के अंदर जाकर चैक बॉक्स वाले स्थान पर खडे़ हो जाते है। जब कोई व्यक्ति चेक बाक्स में डालने आता है तो वह बातों में उलझा कर उसकी चैक डिटेल जान लेते हैं। संबंधित व्यक्ति बाहर चला जाता तो इनमें से एक बैंक में काउंटर पर जाकर चेक में गड़बड़ी होने की बात कहते हैं।
उस दौरान यह लोग बाक्स से उस चेक के अलावा दूसरे चेक भी उड़ा लेते हैं। फिर यह लोग चेक सही होने की बात कहकर वहां से निकल जाते हैं। बाद में चेकों पर लिखे गए पार्टी के नाम पर सर्जिकल ब्लेड से हटाकर एक कैमिकल लगा देते है। उस स्थान पर प्रिंटर से अपने फर्जी खाते का नाम और खाता नंबर दर्ज कर चेक को वापस जमा कर देेते है। रकम ट्रांसफर होने के बाद यह लोग आपस में बांट लेते हैं।
सात सदस्यों का है यह गैंग
गैंग में शामिल सोनू पाल निवासी पुरकाजी, अमित चौहान निवासी धामपुर, नितिन चौहान आशिफ , कल्पना, नदीम, मुकेश ने देहरादून, हरिद्वार और दिल्ली में फर्जी आईडी पर बैंक खाते खोले हुए हैं। फोटो तो असली है, लेकिन आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि तमाम आईडी फर्जी लगाई गई। मोबाइल सिम भी जाली आईडी पर लिए गए है। गैंग के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी युवक पढ़े लिखे हैं।
खुलवाए गए फर्जी खाते
नितिन चौहान द्वारा खुलवाए गए फर्जी खाते
गांधी रोड स्थित बैंक ऑफ पटियाला की शाखा में कुणाल वर्मा के नाम से खाता खोला गया।
सेंट्रल बैंक रिस्पना पुल में कुणाल वर्मा के नाम से दूसरा खाता।
ऋषिकेश में गोल्डी ब्रेजा के नाम का फ र्जी खाता।
हरिद्वार में अजय कुमार के नाम खोला गया बैंक एकाउंट।
रोशनाबाद में शिवालिक नगर एसबीआई में अजित कुमार के नाम से खोला खाता
मोहम्मद आशिफ के फर्जी एकाउंट
बैंक ऑफ हैदराबाद रानीपुर में बृजनेश निवासी रोशनाबाद के नाम से खोला खाता।
जेएंडके बैंक हरिद्वार में बृजनेश के नाम से दूसरा खाता।
कितनी रकम के कैश कराए चेक
डालनवाला क्षेत्र में बहादराबाद की कंपनी के 5.60 लाख रुपये हड़पे।
नेहरू कालोनी क्षेत्र में चेक बदलकर उड़ा लिए 60 हजार रुपये।
ऋषिकेश में चेक में खेल कर तीन लाख नौ हजार रुपये वसूले गए।
हरिद्वार जिले में चेकों में बदलकर हड़पे गए करीब छह लाख रुपये
नजीबाबाद में आईडी का फर्जीवाड़ा
गिरोह के लोग विभिन्न नामों की फर्जी आईडी यूपी के नजीबाबाद इलाके से लाते थे। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि नजीबाबाद का बिट्टू सरदार अपने स्तर से विभिन्न नामों के फर्जी पहचान पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर देता था। इसके बदल आरोपी मुंह मांगी रकम वसूलता था। जालसाज की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम भेजी गई है।
पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी ने पुलिस टीम में शामिल डालनवाला इंस्पेक्टर एसएस सांवत, वरिष्ठ उप निरीक्षक दिलबर सिंह नेगी, उप निरीक्षक पुनीत दनोषी, कांस्टेबल हरीश, विजय गर्ब्याल, राजीव, एसओजी के प्रमोद कुमार और आशीष को पुरस्कृत करने की घोषणा की।