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उत्तराखंड में अपराधियों का ‘नेटवर्क’ कब होगा जाम?
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 08 Aug 2014 01:40 PM IST
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उत्तराखंड की जेलों में बंद शातिर अपराधियों के मोबाइल नेटवर्क कब जाम होंगे? रुड़की में हुई गैंगवार के बाद यह सवाल फिर सुलगने लगा है।
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कागजों में ही सिमट कर रह गए जैमर
इस गैंगवार की पूरी साजिश जेल की चाहरदीवारी के बीच मोबाइल की मदद से ही रची गई थी। जेलों में जैमर लगाने के दावे कागजों में ही सिमट कर रह गए हैं।
जेल के आला अफसर इसके लिए 18 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, चमोली, पौड़ी, सितारगंज, अल्मोड़ा में जिला कारागार होने के साथ रुड़की और हल्द्वानी में उप कारागार है।
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देहरादून को छोड़कर किसी भी जेल में जेमर नहीं है। इन जेलों में बंद अपराधी मोबाइल की मदद से अंदर से ही पूरा गैंग चला रहे हैं। हत्या, डकैती, लूट और रंगदारी वसूलने के मामलों में यह बात कई बार साबित हो चुकी है।
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रुड़की उप कारागार के बाहर मंगलवार शाम को हुए खून-खराबे की पूरी साजिश जेल में बंद सुनील राठी ने रची थी। अपने विरोधी चीनू पंडित को ठिकाने लगाने के लिए मोबाइल और व्हाट्स अप के जरिए साजिश का ताना-बाना बुना गया।
यह स्थिति तब रही, जब लगातार पुलिस सुनील राठी की गतिविधियों को वॉच कर जेल प्रशासन को सतर्क कर रही थी।
इस गैंगवार का लेकर डीजीपी और आईजी जेल के बीच पलटवार ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सवाल यह है कि जेलों में इस तरह की पुनर्रावृत्ति रोकने केलिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्र से मंजूरी का इंतजार
आईजी जेल विनोद शर्मा की मानें तो पिछले साल नवंबर में जेलों में जैमर लगाने के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिए गए थे, लेकिन अभी स्वीकृत नहीं मिली है।
शासन स्तर पर भी जैमर लगाने के लिए पैरोकारी होती रही है। रुड़की कांड के बाद नए सिरे से इस पर मंथन किया जाएगा।
दून में कारगर नहीं रहा जैमर
देहरादून की सुद्दोवाला जेल में लगे जैमर कारगर नहीं रहे हैं। कई साल पहले यहां छह जैमर लगाए गए थे, जिसमें इक्का-दुक्का ही काम कर रहे हैं।
हालांकि रात में कई बार पुलिस ने कई ऐसे नंबर पकड़े हैं, जो अंदर से संचालित हो रहे थे। उस समय रात में जैमर बंद किए जाने के आरोप लगे थे।
जैमर करीब 150 मीटर के दायरे में प्रभावी रहता है। जैमर इस दायरे में आने वाले मोबाइल के सिग्नल ब्लॉक कर देता है।