कोर्ट में बोली, 'पति नहीं प्रेमी के साथ रहना चाहती हूं'
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पौड़ी के दुगड्डा बाजार से आठ जुलाई को गुम हुई विवाहिता को एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) ने गुड़गांव से उसके प्रेमी के घर से बरामद कर लिया।
महिला को यहां कोर्ट में पेश किया, जहां उसने अपनी मर्जी से प्रेमी संग जाने की बात कही। कहा कि वह पति के बजाय प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है।
एएचटीयू के उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि दुगड्डा विकासखंड के एक गांव एक व्यक्ति ने कोटद्वार थाने में अपनी बहू के गुम होने की रिपोर्ट दर्र्ज कराई थी। बताया कि उनकी बहू आठ जुलाई को दुगड्डा बाजार से गुम हो गई। उन्होंने सतपुली निवासी एक युवक के खिलाफ उसे बहला फुसला कर ले जाने की आशंका जाहिर की थी।
22 जुलाई को कोटद्वार थाने में यह मामला महिला के अपहरण में दर्ज किया गया। काफी दिन बाद भी जब महिला का कोई सुराग नहीं लगा तो 23 नवंबर को इस मामले की जांच एएचटीयू को सौंप दी गई। एएचटीयू ने उसे गुड़गांव से बरामद कर शुक्रवार को यहां कोर्ट में पेश किया।
स्कूल के वक्त से ही करती थी प्यार
पुलिस के अनुसार महिला को ससुरालियों और मायके दोनों पक्षों ने अपनी सुपुर्दगी में लेने से इनकार कर दिया। जिसके कारण उसे नारी निकेतन भेजने का आग्रह किया गया।
अदालत ने महिला को बालिग बताते हुए उसे उसकी मर्जी के अनुसार रहने की स्वतंत्रता दी। साथ ही कहा कि महिला का पति चाहे तो उसके खिलाफ वाद दायर कर सकता है।
प्रेमी की बहन को सौंपा
एएचटीयू के प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि महिला ने कोर्ट में प्रेमी के साथ ही रहने की इच्छा जताई है। जिसके आधार पर महिला को प्रेमी की बहन की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
विवाहिता के अनुसार वह और उसका प्रेमी सेंधीखाल स्थित एक स्कूल में साथ पढ़ते थे। वहीं से उनकी दोस्ती हो गई थी। लेकिन मायके वालों ने शादी कहीं और कर दी।