पहले गला दबाकर मारा, फिर सुसाइड नोट छोड़कर हुआ फरार, पढ़े सुसाइड नोट में ऐसा क्या लिखा जो...
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गृह क्लेश में पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और घर से फरार हो गया। मामले में पिता की ओर से आरोपी बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपी पति की तलाश में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
राजस्व उप निरीक्षक राकेश फर्त्याल ने बताया कि सोमवार रात बाराकोट के पट्टी क्षेत्र इजड़ा के बसौड़ी गांव के बची राम ने अपनी पत्नी सुनीता देवी (35) की हत्या कर दी। दोनों की 15 साल पहले शादी हुई थी। पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। बची राम अपने माता-पिता के घर के पास ही दूसरे घर में रहता था।
सोमवार रात 10 बजे वह दोनों माता-पिता के घर खाना खाने के बाद अपने घर सोने के लिए आ गए जबकि बची राम के दोनों बच्चे दादा-दादी के पास ही सो गए। मंगलवार सुबह जब सुनीता देवी का 10 वर्षीय बेटा कमल और सात वर्षीय बेटा सागर मकान में गए तो उन्हें मां बिस्तर पर पड़ी मिली।
मां को उठाने पर जब वह नहीं उठी तो दोनों बच्चों ने दादा-दादी इसकी जानकारी दी। इस पर बची राम के पिता बेनीराम जब कमरे में गए, तो सुनीता को मृत पड़ा देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने सूचना राजस्व पुलिस को दी तो नायब तहसीलदार गोपी राम, राजस्व उप निरीक्षक राकेश फर्त्याल आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पढ़े सुसाइड नोट क्या लिखा
मामले में मृतका के ससुर ने बेटे के खिलाफ बहू की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने बचीराम के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। राजस्व उप निरीक्षक राकेश फर्त्याल ने बताया कि मृतका के सिर के बाल काटे हुए मिले हैं। आरोपी फरार है। शव का पोस्टमार्टम करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि सुनीता की मौत 16 से 18 घंटे पहले गला दबाने और दम घुटने से हुई है।
बाद में लोहाघाट श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लोहाघाट की तहसीलदार नीलू चावला का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस और राजस्व पुलिस की टीमें लगा दी गई हैं।
सुनीता के शव के पास राजस्व पुलिस को पति का लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। पति ने लिखा है कि हम मियां-बीबी का शादी के बाद बहुत झगड़ा होता था। मेरी घरवाली मेरे से कहती थी मैं बचन (बची राम) तेरे को बर्बाद करके छोड़ दूंगी और इसी कारण हम दोनों के बीच बहुत टेंशन हो गई थी। न तो मैं उसे चाहता था और न ही वह मुझे चाहती थी। हम दोनों का टेंशन बढ़ता रहा। हम दोनों बर्दाश्त नहीं कर सके।
इसलिए घरवाली ने आत्महत्या कर ली, तो मैंने भी उसी के साथ आत्महत्या कर ली। इसमें घरवालों की कोई गलती नहीं है, न ही किसी अन्य आदमी की गलती है। यह बात हम मियां-बीबी की ही थी। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। घरवालों से कुछ भी मत कहना। घरवाली ने रस्सी डालकर आत्महत्या की और नदी में मरने के लिए मैं चला।