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महंत निकला नृशंस हत्यारा, मिला आजीवन कारावास
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोटद्वार (पौड़ी)
Updated Tue, 17 Jan 2017 12:32 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने लक्ष्मणझूला में हुए एक हत्याकांड में हत्या के दोषी महंत को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में नौ गवाह पेश किए गए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पौड़ी जनपद के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में 22 मार्च, 2016 को विनोद यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उसने खच्चर से रेत बजरी का ढुलान करने वाले अपने फूफा छोटेलाल उर्फ नेत्रपाल की पाठल से नृशंस हत्या करने की सूचना दी गई।
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घटना के बाद आरोपी महंत राजगिरी पुत्र महंत वेदगिरी निवासी स्वर्गाश्रम को पाठल समेत चौरासी कुटिया की तरफ भागते हुए देखा गया था। उसे बाद में पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने हत्या आरोपी के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सीजेएम कोर्ट ने इस मामले को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट कोटद्वार को हस्तांतरित कर दिया।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपी महंत राजगिरी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 में मुकदमा चला। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में नौ गवाह पेश किए गए। सजा के प्रश्न पर कोर्ट ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनीं।
बचाव पक्ष की ओर से जहां 35 वर्षीय महंत राजगिरी की अवस्था और संन्यास को देखते हुए कम से कम सजा की याचना की गई, वहीं अभियोजन पक्ष ने इसे नृशंस हत्याकांड बताते हुए कठोर से कठोरतम सजा देने की याचना की।