दलित किशोरी से गैंगरेप में तीन दोषियों को उम्रकैद
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पौड़ी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दलित किशोरी के साथ हुए सामुहिक दुराचार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने पिछले साल कोटद्वार तहसील क्षेत्र में हुए मामले में क्षेत्र निवासी चंद्रमोहन सिंह, दिनेश और हरीश को सामूहिक दुराचार और पोस्को अधिनियम में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने इसके साथ ही दिनेश और हरीश पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है जबकि चंद्रमोहन को एससीएसटी एक्ट के तहत भी दोषी पाते हुए कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि वर्ष 2014 में कोटद्वार तहसील क्षेत्र में एक दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुराचार की घटना हुई थी। पीड़िता के पिता ने इस मामले में 15 सितंबर को तहरीर देकर कोटद्वार क्षेत्र निवासी चंद्र मोहन सिंह, दिनेश और हरीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जबरन टैंपों में ले जाकर किया था बलात्कार
तहरीर में कहा गया था कि फरवरी माह में उनकी बेटी स्कूल जा रही थी। इसी दौरान तीनों आरोपियों ने उसे जबरन टैंपो में बैठाया और जंगल में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। आरोपियों ने पीड़िता को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की भी धमकी दी थी।
तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुराचार करने, धमकी देने के आरोप में पोस्को अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों की जिरह और साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने तीनों को पोस्को अधिनियम एवं सामूहिक दुराचार के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया। न्यायालय ने चंद्र मोहन सिंह को एससी एसटी एक्ट में भी दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।