दहेज के लिए ले ली विवाहिता की जान, मां-बेटे को उम्रकैद

ब्यूरो/ अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Wed, 30 Nov 2016 08:33 PM IST
life imprisonment to mother and son for murder.
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
दहेज हत्या के मामले आरोप साबित होने पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएमडी दानिश की अदालत ने मां और बेटे को आजीवन कारावास और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार ममता पुत्री सोहनलाल निवासी हरिद्वार का विवाह 12 अक्तबूर 2010 में टिहरीफार्म, गौहरीमाफी, रायवाला के सुनील भट्ट पुत्र टिकाराम से हुआ था। शादी के बाद से ही ससुराली दहेज लाने का दबाव बनाकर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। 21 मई 2012 की शाम परिजनों को विवाहिता की आत्महत्या की खबर मिली।

घरवालों ने संदेह जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में मृतका की मां सुलोचना देवी ने दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाते हुए सुनील भट्ट और सास पुष्पा भट्ट के खिलाफ रायवाला थाने में केस दर्ज कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे में लटकने से पहले ही दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी।

कोर्ट ने दोनों को पाया दोषी
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएमडी दानिश की अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह सुनी और पति और सास को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

इन धाराओं में क्या सजा
कोर्ट ने भादंसं की धारा 304 बी में पति सुनील भट्ट और सास पुष्पा भट्ट को आजीवन कारावास और पांच, पांच हजार रुपये अर्थदंड। धारा 498ए में तीन वर्ष का कारावास और पांच, पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश पैन्यूली ने बताया सभी सजा एक साथ चलेंगी।

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