छात्र के हत्यारे को मिली उम्रकैद, हत्या करने के बाद मांगी थी फिरौती
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छात्र का अपहरण कर फिरौती मांगने और ट्रेन से फेंककर उसकी हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास और 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
देहरादून के क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्र में वादी विनोद मैंदोला ने अज्ञात के खिलाफ वर्ष 2013 में मुकदमा दर्ज कराया था। विनोद मैंदोला के अनुसार उनका भांजा शुभम देवरानी निवासी देवी मंदिर बालासौड पौड़ी क्लेमेंटाउन में एक इंस्टीट्यूट का छात्र था।
19 नवंबर 2013 को भांजे के साथ विनोद मोथरोवाला में शादी में आए थे। 21 नवंबर वर्ष 2013 को उन्होंने शुभम को को मोथरोवाला बाईपास पर कालेज के लिए छोड़ा था। अगले दिन उनकी बहन ने बताया कि शुभम से बात नहीं हो पा रही है।
उसका मोबाइल लगाया तो उसे कोई और रिसीव कर रहा है। मोबाइल रिसीव करने वाले ने बताया कि शुभम उसके कब्जे में और वह पांच लाख रुपये की मांग कर रहा है।
नशीला पदार्थ खिलाकर चलती ट्रेन से था फेंका
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ बृजेंद्र सिंह की अदालत में हुई सुनवाई में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जेके जोशी ने बताया कि जांच में शुभम के मोबाइल की लोकेशन नजीबाबाद और कोटद्वार के बीच मिली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि अपहरणकर्ता ने शुभम को नशीला पदार्थ खिलाने के बाद उसका सामान लूट लिया था और नशे की हालत में उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
बाद में आरोपी जितेंद्र चौहान ने शुभम के परिजनों से फिरौती की मांग की और साक्ष्य छिपाने के लिए रेलवे लाइन के पास उसके कपड़े फेंक दिए। परिजनों ने रुपये देने के बहाने जितेंद्र चौहान को आईएसबीटी के पास बुलाया था, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
आरोप को साबित करने के लिए अभियोजन की ओर से अदालत में नौ गवाह पेश किए गए। अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाई।