खुलासा: बहू का प्रेमी ही निकला तिहरे हत्याकांड का मास्टर माइंड
दून के प्रेमनगर स्थित श्यामपुर के जोशी परिवार के तीन सदस्यों की हत्या की गुत्थी मंगलवार को सुलझ गई। पुलिस ने तिहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए परिवार की छोटी बहू और हत्यारोपी संजय पंत को गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड का मास्टर माइंड कार चालक ही निकला।
हत्यारोपी संजय, जोशी परिवार के घर के पास ही रहता था। परिवार की छोटी बहू चंचल से उसका दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। प्रेम प्रसंग और करोड़ों की जमीन के लिए तीनों की हत्या की गई है। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त असलहे के साथ ज्वैलरी भी बरामद हुई है। देर रात दून के एसपी सिटी अजय सिंह ने आरोपी महिला के गिरफ्तार होने की पुष्टि की।
उधर, रुद्रपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी कार चालक संजय पंत उर्फ सोनू को शक्ति फार्म स्थित पालनगर तिराहे से बिना नंबर की बाइक के साथ दबोचा गया।
प्रेम-प्रसंग के खुलासे के बाद रची परिवार के खात्मे की साजिश
पूछताछ में संजय ने बताया कि राजेंद्र के फौजी भाई दीपक की पत्नी चंचल के साथ उसका ढाई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इस दौरान उनमें शारीरिक संबंध भी बन गए। प्रेम प्रसंग की जानकारी परिजनों को हुई तो चंचल से मारपीट की जाने लगी। जोशी परिवार की प्रेमनगर स्थित करोड़ों रुपये की चार बीघा जमीन पर भी उसकी नजर थी।
प्रेम प्रसंग और प्रापर्टी को पाने के लिए उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची। 27 नवंबर की दोपहर वह चालक बनकर अपने पड़ोसी राजेंद्र जोशी उर्फ राजू, उसकी मां कमला जोशी और पुत्र भास्कर जोशी को उन्हीं की इयोन कार (यूके 07 एपी 5359) में लेकर पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुआ।
योजनाबद्ध तरीके से वह सिडकुल सितारगंज में कार को ले गया। जहां पहले राजू के सिर पर माउजर से गोली मारी और उसके बाद कमला जोशी के सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने बरामद किए हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार
इसके बाद कुछ दूर ले जाकर भास्कर का गला चाकू से रेत डाला और घटना में प्रयुक्त चाकू, पिस्टल, कमला के पास रखे जेवरात को पुराने बैग में बांधकर घटनास्थल से काफी दूर एक कलमठ में छिपा दिया।
एसएसपी खुराना ने बताया कि संजय की निशानदेही पर कलमठ में छिपाई माउजर, तीन कारतूस, खून सना चाकू, एक जोड़ी झुमके, एक गले का हार और एक मांग टीका बरामद किया गया है। संजय को माउजर बेचने वाले सिसईया सितारगंज निवासी अनिल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए हैं।
उधर, रुद्रपुर पुलिस की सूचना पर दून पुलिस ने जोशी परिवार की बहू चंचल को प्रेमनगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इसे लेकर पुलिस टीम रुद्रपुर रवाना हो गई है।
पहले राजेंद्र, फिर कमला और भास्कर को मारा
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि आरोपी संजय ने बताया कि 28 नवंबर की सुबह 4 बजे कार से तीनों को लेकर सिडकुल के सुनसान क्षेत्र में पहुंचा था। वह बीड़ी पीने के बहाने कार खड़ी कर 80 मीटर भीतर सुनसान क्षेत्र में चला गया। इसी बीच उसने राजेंद्र को भी बुला लिया। राजेंद्र ने शराब पी रखी थी।
संजय ने राजेंद्र के सिर पर गोली मार दी। उसके बाद वह कार में पहुंचा और कमला को राजेंद्र के जमीन पर गिरने की बात कहकर घटनास्थल तक ले गया और कमला की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद उसने कुछ दूर लेकर जाकर भास्कर का चाकू से गला रेत डाला।
डीआईजी ने दिया 5 हजार का इनाम
तिहरे हत्याकांड का पर्दा उठाने वाली टीम को डीआईजी ने 5 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। एसएसपी केवल खुराना ने टीम को ढाई हजार का इनाम देने की घोषणा करते हुए कहा कि पीएचक्यू से भी टीम को इनाम दिलाया जाएगा।
अपने पैसे से पेट्रोल डलवाया, शराब भी पिलाई
घर से पिथौरागढ़ जाने को निकले परिवार के पास पैसे नहीं थे। काशीपुर पहुंचकर कमला ने एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पैसे नहीं निकले थे। एसएसपी खुराना ने बताया कि काशीपुर में संजय ने अपने जेब से 500 रुपये खर्च कर कार में पेट्रोल डलवाया था। इसके बाद संजय ने ही पूरे परिवार को एक ढाबे में खाना खिलवाया था।
इसके अलावा खुद बीयर पीने के साथ ही संजय को शराब खरीदकर पिलाई थी। जिसके बाद उसने हत्याकांड को अंजाम दिया था। उसके बाद उसने बिलासपुर में कार खड़ी थी। टेंपो में 20 रुपये देकर रुद्रपुर आया और रोडवेज से देहरादून चला गया।
किराएदार के भाई से खरीदी माउजर
हत्याकांड में मुख्य आरोपी संजय ने जिस अनिल से माउजर खरीदी थी, वो संजय के किराएदार महेश का भाई है। महेश देहरादून में एमआर है और संजय के घर पर किराए पर रहता है। अनिल ने ही संजय को 15 दिन पूर्व माउजर बेची थी और सितारगंज के सिडकुल क्षेत्र में लाकर हत्या करने का आइडिया भी दिया था।
कैटरिंग के साथ ही प्रापर्टी डीलिंग भी की
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि आरोपी संजय कैटरिंग के ठेके लेता था। उसने आईएमए के अलावा अन्य जगहों के भी ठेके ले रखे थे। एक साल पहले उसने प्रापर्टी डीलिंग में 5 लाख रुपये भी कमाए थे। वह अति महत्वाकांक्षी था।
पुलिस को भी संजय करता रहा गुमराह
मुख्य आरोपी संजय पंत बेहद शातिर निकला। वह बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि जिस दिन भास्कर की लाश की शिनाख्त हुई, उसके बाद से ही संजय पुलिस के साथ मिलकर खोजबीन जुटा रहा।
पुलिस ने भी उससे कई बार पूछताछ की, लेकिन वह गुमराह करता रहा और दीपक को कांड में फंसाने की कोशिश करता रहा। उसने बताया कि राजेंद्र का चरित्र खराब था और कई बार जेल जा चुका था। दीपक और राजेंद्र के बीच प्रापर्टी विवाद होने की बात कहकर भी उसने पुलिस को उलझाया।