ITBP जवान ने कमांडर को गोलियों से भूना
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हमलावर सिपाही एलएमजी से फायरिंग करते हुए कंपनी बाग की तरफ भाग गया। आईटीबीपी और पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में आरोपी की धरपकड़ के लिए देर रात तक ऑपरेशन चल रहा था। बताया जा रहा है कि मोबाइल पर चैट करने पर सजा देने पर नाराज था।
एलबीएस अकादमी परिसर शाम छह बजे के करीब ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से गूंज गया। पहले तो कोई कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन बाद में पता चला कि गारद कमांडर सुरेंद्र लाल और सिपाही अख्तर को एक आईटीबीपी सिपाही ने गोली मार दी है।
चैटिंग करने पर दी सजा तो मार दी गोली
इसके बाद फायरिंग करने वाला सिपाही चंद्रशेखर एलएमजी लेकर कंपनी बाग की तरफ भागता देखा गया। कई गोलियां लगने के कारण सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र लाल को लंढौर कम्युनिटी अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घायल जवान अख्तर हुसैन को दून के मैक्स अस्पताल में लाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि बुधवार शाम को हिमाचल प्रदेश निवासी सिपाही चंद्रशेखर ड्यूटी पर मोबाइल पर चैटिंग कर रहा था।
गारद कमांडर सुरेंद्र लाल ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। गारद कमांडर ने चंद्रशेखर को सजा सुनाई थी। इस वजह से आवेश में आए चंद्रशेखर ने लाइट मशीन गन (एलएमजी) से कई राउंड गोलियां चलाईं। पहली गोली छत पर लगी।
सीधा निशाना लगाकर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
इसके बाद चंद्रशेखर ने गारद कमांडर सुरेंद्र लाल को सीधा निशाना बनाकर कई गोलियां चलाईं। बिस्तर से उठकर बीच में आए जवान अख्तर हुसैन पर भी गोलियां दाग दीं।
इस घटना से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसएसपी पुष्पक ज्योति और एसपी सिटी अजय सिंह क्राइम मीटिंग को बीच में खत्म कर इंस्पेक्टर आरएस खोलिया के साथ मौके पर पहुंच गए।
आरोपी जवान की तलाश में आईटीबीपी और पुलिस के जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर जंगल की कांबिग में जुटे हैं।