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डबल मर्डर में दो संदिग्ध चेहरों और 50 नंबरों पर टिकी जांच

Sat, 25 Feb 2017 08:52 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sat, 25 Feb 2017 08:52 PM IST
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investigation on haldwani double murder
murder

हल्‍द्वानी में हुए डबल मर्डर के मामले में पुलिस को फुट प्रिंट के बाद अब रास्ते में लगे सीसीटीवी से दो संदिग्धों के फुटेज हाथ लगे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर कातिलों की तलाश में जुटी हुई है। इसके अलावा पुलिस की जांच 50 मोबाइल नंबरों पर केंद्रित हो गई है।

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वहीं, संदिग्धों से चौथे दिन भी पुलिस की पूछताछ जारी रही। हालांकि पुलिस अधिकारी इस संबंध में खुलकर बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं सूत्रों का दावा है कि एक-दो दिन में मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। डहरिया स्थित सत्यलोक कॉलोनी निवासी रिटायर्ड कर्नल डीके शाह की पत्नी प्रेरणा उर्फ फूल शाह और मां शांति शाह की बदमाशों ने 21 फरवरी की रात हत्या कर घर में लूटपाट की थी।
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मामले में फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने घर से तीन कातिलों के फुट प्रिंट जुटाए थे। इधर, चौथे दिन शनिवार को पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध अपराधियों के चेहरे मिलने की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस ने सत्यलोक टावर से सैकड़ों मोबाइल नंबर इकट्ठा किए थे।
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इनमें से 50 नंबरों पर पुलिस का फोकस है। पुलिस की अन्य टीमें रिटायर्ड कर्नल के घर पुताई करने वाले ठेकेदार, उसके पुत्र, दोनों किराएदारों सहित 10 लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने अभी रिटायर्ड कर्नल के करीबी बटमैन को छोड़ा नहीं है। इधर, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी सहित अन्य पुलिस अधिकारी इस संबंध में बात करने या कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। वहीं, यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस कर्मियों को अपने इलाके के अपराधियों के बारे में जानकारी ही नहीं है। इस कारण भी यह केस लंबा खिंच रहा है। वहीं, मुखबिरी सिस्टम भी पुलिस का फेल है।


एसओजी के पास कामचलाऊ सिस्टम
अपराधियों को पकड़ने के लिए नैनीताल पुलिस के पास नोएडा या एसटीएफ जैसा हाइटेक सिस्टम नहीं है। एसओजी कामचलाऊ पुराने सिस्टम पर काम कर रही है। पूर्व कप्तान स्वीटी अग्रवाल ने साइबर क्राइम होने पर एसओजी का सिस्टम आधुनिक और हाइटेक बनाने के लिए डीजीपी तक समस्या रखी थी, लेकिन उच्चाधिकारियों ने अब तक सिस्टम को हाइटेक बनाने की नहीं सोची। डबल मर्डर की घटना के बाद अत्याधुनिक सिस्टम की कमजोरी पुलिसकर्मियों को खल रही है। एसओजी के पास नंबर सुनने के लिए मात्र एक वायस लॉगर उपलब्ध है। वायस लॉगर से एक साथ 30 अपराधियों या संदिग्धों के नंबर सुने जा सकते हैं।

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