फर्जी आईएएस मामले में SIT के हाथ लगा महत्वपूर्ण सबूत
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फर्जी आईएएस रूबी चौधरी का लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रवेश का रिकॉर्ड मामले की जांच कर रही एसआईटी के हाथ लग गया है।
आईएएस अकादमी से जब्त हार्डडिस्क पर लंबी माथापच्ची के बाद एसआईटी को अकादमी में रूबी का (पहले दिन) एंट्री रिकॉर्ड हासिल हुआ है। माना जा रहा है कि मामले के खुलासे के बाद अकादमी प्रशासन ने रूबी का यह रिकॉर्ड डिलीट करवा दिया था।
सबूत मिटाने की कोशिश में हार्ड डिस्क से छेड़छाड़ की बात भी सामने आ रही है। इससे यह भी आशंका बढ़ गई है कि रूबी से मिली 23 किताबों का रिकॉर्ड अकादमी की लाइब्रेरी में न मिलने के पीछे भी कुछ ऐसी ही वजह हो सकती है।
जांच में देरी से मिला वक्त
एसआईटी ने भले ही अकादमी में रूबी की मौजूदगी के सबूत के तौर पर एंट्री रिकार्ड हासिल कर लिया हो, लेकिन यह भी सच है कि अकादमी प्रबंधन को सबूतों को मिटाने का वक्त भी पुलिस, शासन की सुस्ती ने ही दिया है।
ठिकाने लगा दिए गए अधिकतर सबूत
दरअसल, मामले के खुलासे के बाद तीन दिन जांच इधर से उधर स्थानांतरित होती गई। जिम्मा मिलने के बाद एसआईटी ने भी अकादमी से पूछताछ के बजाय पहले रूबी पर फोकस किया।
सूत्र बताते हैं कि करीब दस दिन बाद एसआईटी अकादमी पहुंची, तब तक अधिकतर सबूत ठिकाने लगा दिए गए हैं। अगर एसआईटी ने शुरू से ही अकादमी को शक के घेरे में रख जांच शुरू की होती तो शायद कुछ और सबूत हाथ लग जाते।
बोले डीजीपी
अकादमी की कंप्यूटर हार्डडिस्क से रूबी के पहले दिन अकादमी में प्रवेश का रिकॉर्ड मिल गया है। इस पर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। जाहिर है कि एंट्री रिकार्ड मिटाने के पीछे कुछ गलत मंशा ही होगी। लाइब्रेरी के रिकार्ड की भी गहन छानबीन होगी।
-बीएस सिद्धू, डीजीपी