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सनसनी: बिस्तर पर पत्नी की लाश, लटका मिला पति का शव

Thu, 14 May 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थराली (उत्तरकाशी)
ब्यूरो/अमर उजाला, थराली (उत्तरकाशी) Updated Thu, 14 May 2015 12:33 AM IST
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husband wife found dead in house.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पत्नी का शव बिस्तर पर जबकि पति का शव बल्ली पर लटका मिला। मामला संदिग्ध होने के बावजूद परिजनों और ग्रामीणों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

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इसे लेकर उनकी पुलिस और तहसील कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। क्षेत्रीय विधायक जीतराम के मामले में हस्तक्षेप करने के बाद बिना पोस्टमार्टम ही पिंडर नदी के तट पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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उत्तरकाशी के मेटा गांव का बालक सिंह (45 वर्ष) दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था जबकि उसकी पत्नी दीपा देवी (40 वर्ष) गांव में ही खेतों में काम करती थी। उनके चार बच्चे हैं। बालक सिंह परिवार में भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए इन दिनों घर आया था।

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नहीं कराया पोस्टमार्ट, कर द‌िया अंत‌िम संस्कार

husband wife found dead in house.

मंगलवार की रात सब घर में सो रहे थे। बुधवार सुबह जब बच्चे उठे तो दीपा का शव बिस्तर पर और बालक सिंह का शव बल्ली पर लटका मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव को नीचे उतारा।

परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए मृतकों के शवों कोलेकर कुलसारी घाट पहुंच गए। तभी सूचना मिलने पर पुलिस और तहसील कर्मी भी मौके पर पहुंच गए और पोस्टमार्टम के बाद ही अंतिम संस्कार करने को कहा।

ग्रामीणों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने से पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में विधायक डॉ. जीतराम ने मामले को सुलझाया और परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए प्रशासन को राजी किया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बूढ़े कंधों पर आ गई बच्चों की जिम्मेदारी

husband wife found dead in house.

बालक सिंह दो दिन पूर्व अपने भतीजे की शादी के लिए गांव आया था। बालक के पिता 70 वर्षीय प्रताप सिंह और माता बालपा देवी 65 वर्ष पर बालक की तीन पुत्रियों हेमलता (16), सोना (13), पुष्पा (11) और पुत्र नवीन (10) वर्ष के लालन पालन और पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी आ गई है।

हेमलता 12वीं, सोना नवीं, पुष्पा सातवीं और नवीन चौथी कक्षा में है। दादी बालपा देेवी कहती हैं कि हम भी कुछ साल के मेहमान हैं, हमारे बाद इन बच्चों की देखभाल कौन करेगा।

बोले व‌िधायक
ससुराल और मायके के लोग पोस्टमार्टम को राजी नहीं थे। मुझे बताया गया कि पति-पत्नी ने घरेलू कलह के चलते आत्महत्या की है।
-जीतराम, विधायक

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