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जायदाद के लिए बेटे ने किया खानदान का खात्मा

Tue, 06 Jan 2015 01:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 06 Jan 2015 01:53 PM IST
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harmeet killed his family dehradun.

देहरादून में हुए चौहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने अदालत में दाखिल आरोप पत्र में कहा कि संपत्ति के लिए आरोपी हरमीत ने अपने परिजनों की हत्या की। उसे आशंका थी कि सारी संपत्ति हाथ से निकल बहन-बहनोई के पास चली जाएगी।

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पुलिस का दावा है कि यह हरमीत ने अपने बयान में कबूल किया। मामले में 54 गवाह बनाए गए हैं, लेकिन आरोपपत्र में कई झोल दिख रहे हैं।

नवंबर 2014 को आदर्शनगर में हुए इस हत्याकांड में दाखिल आरोप पत्र में पुलिस ने कहा कि अपनी सौतेली मां, बहन और पिता द्वारा रिश्तेदारों से की जा रही निंदा से हरमीत परेशान रहता था।
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आरोपी ने अपने बयान में कहा कि मां और पिता बहन हरजीत को फ्लैट देने जा रहे थे। वे व्यापार समेत सारी संपत्ति बेटी हरजीत और उसके पति को देने की बात करने लगे थे। जिससे उसके भीतर गुस्सा बढ़ता गया।

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घटना की पूरी रात सोया नहीं था हरमीत

harmeet killed his family dehradun.

कुछ दिन पहले ही उसकी बहन अपने बच्चों के साथ दून पहुंची थी। इसके बाद संपत्ति देने की बातें जोर शोर से होने गली। घटना की पूरी रात वह सोया नहीं।

मौका देखकर उसने चाकू से एक-एक कर पिता जय सिंह, सौतेली मां कुलवंत, बहन हरजीत कौर और भांजी सुखमणी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।

भांजे कंवल को भी मारने के लिए उसने चाकू से वार किया था पर वह बच गया। आरोप पत्र में कुछ झोल भी है। इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने बजे कब किसकी हत्या की गई।

बेदखली के लिए यदि हत्या हुई तो इसका कोई ऐसा प्रमाण भी नहीं दिया गया है। देखना यह भी है कि सत्र न्यायालय में होने वाली सुनवाई में पुलिस 54 में से कितने गवाह पेश कर पाती है।

अब सत्र न्यायालय में होगी सुनवाई

harmeet killed his family dehradun.

दून के बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड के मामले की अब सत्र न्यायालय में सुनवाई होगी। सोमवार को मामले को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत ने सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दिया।

जिसकी अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी। उधर बचाव पक्ष ने अदालत से विवादित संपत्ति को सील करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।

सोमवार को आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने कहा कि प्रकरण गंभीर प्रकृति का है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है। इसलिए सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया जाता है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने कहा कि पुलिस ने आरोपी के रिश्तेदार अजीत सिंह को घर (घटनास्थल) की चाबी सौंप दी है। आरोपी का कई साल से मनोचिकित्सक से उपचार चल रहा था जिसके प्रमाण घर के अंदर हैं।

इस घर की चाबी वादी पक्ष को सौंपने से इनके नष्ट होने की संभावना है। इसलिए मकान को सील किया जाए। उन्होंने कहा कि अदालत में कुछ लोगों ने आरोपी से फिर मारपीट का प्रयास किया।

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