फर्स्ट डिवीजन नहीं आई तो नदी में कूद दी जान, दूसरी को बचाया
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रुद्रप्रयाग जिले की 12वीं की छात्रा ने परीक्षा में द्वितीय श्रेणी हासिल होने के बाद भी अलकनंदा नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। छात्रा के इस कदम से घर, परिवार से लेकर गांव में मातम पसरा है।
रुद्रप्रयाग से करीब 17 किमी दूर नगरासू ग्राम पंचायत के गगोठू गांव निवासी कैलाश चंद्र की चार संतानों में तीसरी अनुजा ने मंगलवार को ही इंटरमीडिएट की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण की थी। अपने परीक्षाफल जानने के लिए वह सुबह से ही उत्सुक थी।
जैसे ही परीक्षाफल घोषित हुआ तो उसने मोबाइल से अपनी सहेलियों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान वह दोपहर के करीब पौने बारह बजे मोबाइल लेकर अपने चाचा के घर गई और रिजल्ट के बारे में पूछा।
बेटी को याद कर बिलख पड़ रहे पिता
इसके बाद वह घर जाने की बात कहते हुए वहां से चली गई, लेकिन घर नहीं पहुंची। करीब दो बजे उसके पिता को सूचना मिली कि उनकी बेटी ने नदी में छलांग लगा दी है।
वे अन्य लोगों के साथ नदी में उसे ढूंढने गए, लेकिन बेटी का कोई पता नहीं चला। रोता-बिलखते पिता घोलतीर चौकी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
छात्रा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी हमेशा कहती थी कि वह इस वर्ष जिले में अपना नया मुकाम बनाएगी। उन्होंने कभी भी उसे पढ़ाई के लिए नहीं डांटा था। अच्छा तो था, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हो रखी थी। उसके मन में क्या था, कभी महसूस ही नहीं हुआ।
दूसरी बार फेल होने पर नदी में कूदी छात्रा
उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में दूसरी बार फेल होने पर चमोली की एक छात्रा ने अलकनंदा नदी में कूदकर जान देने का प्रयास किया। हालांकि स्थानीय लोगों और पुलिस जवानों ने उसे बचा लिया।
सकंड गांव के गोविंद मंमगाईं की पुत्री संतोषी ने दूसरी बार इंटर की परीक्षा दी थी। मंगलवार को परिणाम आया तो वह फेल थी। इससे क्षुब्ध होकर उसने नंदप्रयाग में अलकनंदा नदी में छलांग लगा दी।
छात्रा को नदी में कूदता देख वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने भी छात्रा को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने छात्रा को बाहर निकाल लिया। लेकिन छात्रा ने फिर लोगों से नजर बचाकर नदी में छलांग लगा दी।
मौके पर पहुंचे पुलिस जवानों ने उसे नदी में बहने से बचा लिया और 108 एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। चिकित्सक डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव का कहना है कि छात्रा को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।