फरार भूरा के मामले में नाकाम पुलिस का 'हथियार'
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अमित उर्फ भूरा को फरार हुए एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन अब तक उसका सुराग नहीं मिला है।
अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस का हथियार बनने वाला मोबाइल सर्विलांस भी भूरा के सिग्नल तलाशने में नाकाम रहा है। वजह, जेल के भीतर और फिर पेशी के लिए जाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाला भूरा एक हफ्ते से फोन नहीं चला रहा है।
दरअसल, भूरा जानता है कि पुलिस किन तरीकों से उसकी तलाश में जुटी होगी। सूत्र बताते हैं कि भूरा काफी समय पूर्व दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा का मुखबिर था। ऐसे में वह पुलिस की हर चाल से वाकिफ है। यही बात तीनों राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
मुखबिर तंत्र ही करेगा काम
पुलिस सूत्र मानते हैं कि भूरा की तलाश के लिए मोबाइल सर्विलांस और अन्य आधुनिक तरीके कारगर नहीं हो सकते। भूरा को पकड़ना है तो पुलिस को मुखबिर तंत्र पर भरोसा करना होगा।
सूत्रों के मुताबिक मुखबिरों की ओर से मिलने वाली हर जानकारी कारगर हो सकती है। लेकिन इसके लिए पुलिस को दर-दर भटककर मुखबिर तंत्र को मजबूत करना ही होगा।
जंगल नहीं, भूरा को भाते हैं होटल
पुलिस सूत्र बताते हैं कि भूरा दूसरे बदमाशों की तरह फरारी के दौरान जंगलों या किसी सुनसान जगह पर नहीं रहता। उसे ऐशोआराम की जिंदगी पसंद है। लिहाजा वह होटलों में रहकर अगली वारदात की साजिश रचता है।
सूत्रों के मुताबिक पिछली फरारी के दौरान उसके गोवा के होटलों में रहने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है ‘आपरेशन भूरा’ में इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए तलाशी की जा रही है।
भूरा की गिरफ्तारी के लिए तमाम संभावनाओं पर विचार चल रहा है। कई नई जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर सुराग तलाशे जा रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही भूरा पकड़ा जाएगा।
- सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विशेष कार्य बल