रुड़की: एनओसी देने के नाम पर रिश्वत लेते एफएसओ गिरफ्तार
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भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम को सिरे चढ़ाते हुए देहरादून से आई सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने सोमवार की शाम रुड़की के अग्रिशमन अधिकारी बृजलाल डबराल को एक फैक्ट्री संचालक से एनओसी देने के नाम पर 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसओ को गिरफ्तार किए जाने के समय फैक्ट्री का निरीक्षण करने आए थे। सतर्कता अधिष्ठान की टीम उन्हें गिरफ्तार करके मंगलौर कोतवाली लेकर आई जहां उनसे पूछताछ की गई बाद में उन्हें देहरादून ले जाया गया। डबराल देहरादून के रहने वाले है। उनकी गिरफ्तारी से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
सतर्कता अधिष्ठान के एएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि मंगलौर के ग्राम मन्नाखेडी में एक फार्मा कंपनी लगा रहे एक संजीव कुमार नामक युवक ने पिछले दिनों विजिलेंस दफ्तर में प्रार्थना-पत्र देकर बताया कि उसने फार्मा कंपनी के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के तहत अग्रिशमन, बिजली, पर्यावरण आदि का अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए आवेदन किया था। काफी दिनों तक आवेदन का निस्तारण नहीं होने तक ऑन लाइन आवेदन किया।
इस तरह हुआ खुलासा
इस पर उसके पास रुड़की अग्रिशमन केंद्र से अपने आप को एफएसओ बृजलाल डबराल बताते हुए एक व्यक्ति ने फोन किया और कहा कि आपका आवेेदन मिल गया है। इसके निस्तारण के लिए मिलना पड़ेगा। जब वह मिलने गया तो 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई । उसने आपत्ति जताते हुए इसे ज्यादा राशि बताया।
इस पर एफएसओ ने यह राशि ऊपर तक भेजे जाने की बात कही। तब उसने 11 नवंबर को एफएसओ को मिलने के लिए फोन किया लेकिन उन्होंने अपने आप को देहरादून में होना बताया तथा 13 नवंबर को फैक्ट्री का मौका मुआयना करने आने की बात कही। तभी पैसे भी लाने को कहा। सोमवार को जब एफएसओ निरीक्षण के लिए आए तो वादी ने उन्हें 25 हजार रुपये से भरा लिफाफा थमा दिया।
लिफाफा पकड़ते ही पहले से मौके पर तैनात विजीलेंस के इंस्पैक्टर रमेश तनवार तथा सहयोगी इंस्पेक्टर विमल टम्टा तथा योगेशदेव की टीम ने एफएसओ बृजलाल को रंगे हाथ दबोच लिया। उन्हें पहले कोतवाली मंगलौर लाया गया तथा वहां से देहरादून ले जाया गया। एएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ देहरादून में ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा साथ ही अन्य जांच भी की जाएगी।