फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   fake currency print shop exposured

दस रुपए के स्टांप पेपर से बनाए सौ रुपए

Thu, 15 Aug 2013 08:27 AM IST
जसपुर/ब्यूरो
जसपुर/ब्यूरो Updated Thu, 15 Aug 2013 08:27 AM IST
विज्ञापन
fake currency print shop exposured

पुलिस ने मंगलवार को ऊधमसिंह नगर के जसपुर में 100 रुपये के नकली नोट के कथित छापेखाने का भंडाफोड़ कर गिरोह के सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। उनसे 70,000 रुपये के नकली नोट, कंप्यूटर, मोहरें, परिवहन तथा आयकर विभाग के नकली कागजात और 10-10 रुपये के एक हजार से अधिक स्टांप पेपर बरामद हुए हैं।

विज्ञापन


नोट को स्कैन कर दो जाली नोट बनाते थे
ये लोग नकली नोट बनाने के लिए 10 रुपये वाले स्टांप पेपर का इस्तेमाल करते थे तथा एक स्टांप पेपर से 100 रुपये के नोट को स्कैन कर दो जाली नोट बनाते थे। गिरोह अब तक उत्तराखंड के विभिन्न शहरों और सीमावर्ती यूपी के इलाकों में लाखों के नकली नोट चला चुका है। गिरोह के चार लोग फरार हैं।
विज्ञापन


पकड़ा गया मुख्य आरोपी शहजाद जसपुर के वार्ड नंबर 11 के सभासद मोहम्मद हसीन का बेटा है। बैंक प्रबंधकों ने बताया कि नोट स्कैन करने में आरबीआई के मानकों वाली उच्च क्वालिटी की स्याही इस्तेमाल की गई है जिससे नोट असली लग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को पत्रकार वार्ता में एएसपी  यशवंत चौहान ने बताया कि 10 जून 2012 को नकली मोहरें और कागजात तैयार करने के मामले में मोहल्ला नई बस्ती निवासी शहनवाज पुत्र बाबू हुसैन को गिरफ्तार किया था। उससे 42 मोहरें, नकली कागजात बरामद हुए थे। पूछताछ में उसने बताया था कि लकड़ी मंडी चौराहा निवासी शहजाद भी नकली नोट छापने के काम में संलिप्त है। तभी से पुलिस की उस पर निगाह थी।

नेशनल इंस्टीट्यूट में छापा मारा

पाठक ने बताया कि सोमवार शाम मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पुराने सिनेमा हाल के पास शहजाद के कंप्यूटर सिखाने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट में छापा मारा। वहां से पुलिस ने 70 हजार रुपये के सौ-सौ के जाली नोट, हजारों रुपयों के स्टांप पेपर, कंप्यूटर, हार्डडिस्क, मॉनीटर, प्रोसेसिंग यूनिट, कटर, नकली मोहरें, आयकर और परिवहन विभाग के नकली कागज (जिनमें फर्जी रसीदें आदि शामिल हैं), उत्तराखंड और यूपी बोर्ड की फर्जी मार्कशीट बरामद कीं।

इस दौरान पुलिस ने लकड़ी मंडी नई बस्ती निवासी शहजाद, शहनवाज, मोहसीन और ग्राम जलालपुर थाना डिलारी यूपी निवासी राजपाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो कथित पत्रकार मनमोहन निवासी मोहल्ला जुलाहान और हिमांशु निवासी भूतपुरी (यूपी) और नई बस्ती निवासी दो लोग (दोनों का नाम वसीम है) फरार हैं। शहजाद और शहनवाज दोनों भाई हैं। कोतवाल पाठक ने बताया कि अभियुक्त दस रुपये के स्टांप पेपर पर सौ-सौ रुपये के दो नकली नोट कंप्यूटर से स्कै न करके छापते थे।

आरोपियों में एक रिटायर्ड प्रिंसिपल भी
आरोपियों में एक ग्राम जलालपुर थाना डिलारी (यूपी) निवासी राजपाल सिंह ठाकुरद्वारा तहसील के किसी मैनेजमेंट के स्कूल का रिटायर्ड प्रिंसिपल है। अब ठाकु रद्वारा में उसका ‘सुभाष स्मारक इंटर कालेज’ के नाम से स्कूल है। वह सात सौ रुपये देकर उत्तराखंड एवं यूपी बोर्ड की नकली मार्कशीट और सनद बनवाता था। उसके बनवाए सर्टिफिकेट पर कई युवक सरकारी नौकरी तक कर रहे हैं। राजपाल सिंह फर्जीवाड़े में पहले भी जेल की हवा खा चुका है।

दो साल पहले बोर्ड परीक्षा में बाहरी छात्रों को एडमिशन दिलाने के लिए अमरोहा के कालेज के नाम से फर्जी टीसी बनाई थीं। मामला खुलने पर कोर्ट के माध्यम से उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामला पकड़ में आने पर उसे जेल भेजा गया था। वहीं एक विद्यालय की मान्यता लेकर दो स्कूल संचालित कर रहा है। दोनों कालेजों के बीच से सड़क गुजर रही है। जिसे वह एक ही कालेज दिखाता है।


संयुक्त निदेशक ने कालेज में अनियमितताओं को लेकर उसके खिलाफ रिपोर्ट दी थी। जिसमें फर्जी एडमिशन कराना, बिना पंजीकरण कराए ही छात्रों को बोर्ड परीक्षा के फार्म भरवाना, मानकों को पूरा किए बिना विद्यालय चलाना शामिल है। जिसके आधार पर उसके खिलाफ जांच चल रही हैं। कोतवाल जेसी पाठक ने बताया कि उसके बेटे विपिन कुमार की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed