पूर्व जेई और फोरमैन ने किया सुसाइड को मजबूर, 5-5 साल की कैद
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो लोगों को पांच-पांच साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि टिहरी गढ़वाल के जखेड़ गांव निवासी मुरारी सिंह पंवार ने सिंचाई विभाग श्रीनगर में कार्यरत जेई शरद कुमार कुलश्रेष्ठ, फोरमैन कृष्ण बहादुर और असिस्टेंट इंजीनियर नरेंद्र सिंह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई थी कि तीनों ने उसके भाई हरी सिंह पंवार (26) को आत्महत्या के लिए उकसाया था, जिसके चलते वह आत्महत्या करने के लिए विवश हुआ।
वादी मुरारी पंवार का कहना था कि वह 20 सितंबर को भाई से मिलने श्रीनगर आया तो सुबह 11 बजे हरी सिंह को तेज हिचकी आ रही थी। उसे लेकर वह सरकारी अस्पताल पहुंचा लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। कुछ दिनों बाद उसे भाई का पत्र मिला।
भाई को लिखे खत में लिखी सारी बात
पत्र में उसने उपरोक्त तीनों आरोपियों पर विभागीय सामान के चार्ज पर जबरिया दस्तखत कराने और पूरा सामान नहीं देने का आरोप लगाया था। तीनों आरोपियों पर उत्पीड़न करने और आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप था।
इसके बाद उसने 25 सितंबर 1990 को श्रीनगर थाने में तीनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई तो ये लोग चार्जशीट को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए। वहां से एई नरेंद्र सिंह का नाम एफआईआर से हट गया था। बाकी दोनों आरोपियों पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में मामला चल रहा था। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों आरोपियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पांच-पांच साल की सजा एवं पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।