दिल्ली के एक लाख के इनामी बदमाश से पुलिस की मुठभेड़, गोली लगने के बाद आया पकड़ में
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करीब दो साल से पुलिस को छका रहे दिल्ली के एक लाख के इनामी बदमाश 35 वर्षीय जरनैल सिंह उर्फ जैली को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के एक मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। नानकमत्ता के बिचई गांव में अपनी बुआ के घर छुपकर रह रहा जैली पीठ में गोली लगने से घायल है। दिल्ली पुलिस उसे हल्द्वानी के बांबे अस्पताल ले गई, जहां से डॉक्टरों के रेफर करने पर अपने साथ दिल्ली ले गई है।
अलीपुर दिल्ली के सेक्टर 36 झंगोला निवासी जरनैल सिंह जैली बिचई गांव में अपनी बुआ कुलवंत कौर के घर पिछले एक साल से रह रहा था। वह कभी दिल्ली चला जाता था तो कभी बिंदुखेड़ा में कुलवंत की ननद के घर पर रहता था। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे वह अपनी बुआ के घर पहुंचा था। शनिवार तड़के 4.30 बजे दिल्ली के महेंद्र पार्क थाने की पुलिस के 11 कर्मचारी तीन लग्जरी कारों से कुलवंत कौर के घर पहुंचे।
मकान में दबिश डालते ही जरनैल खेतों की ओर भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने पीछा कर करीब दो सौ मीटर दूर धान के खेत में उसे घेर लिया। पुलिस की ओर से किए गए दो फायर में से एक गोली जरनैल की पीठ में लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया। इस बीच गांव के लोग इकट्ठा होने लगे तो दिल्ली पुलिस ने जरनैल को गाड़ी में डाला और हल्द्वानी के बांबे अस्पताल ले गए।
हल्द्वानी में कड़ी सुरक्षा के बीच डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। डॉक्टरों का कहना है कि गोली पीठ में लगने के बाद पेट से निकल गई है अब कोई खतरा नहीं है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना के बारे में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर पुलिस से भी संपर्क किया था। अस्पताल परिसर में जरनैल के करीबियों की भीड़ भी जुटी रही।
जैली पर दिल्ली कमिश्नर ने एक लाख का इनाम रखा था
नानकमत्ता क्षेत्र के बिचुवा गांव में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का वांछित जरनैल सिंह दिल्ली में कई आपराधिक वारदातों में शामिल था और दिल्ली कमिश्नर की ओर से उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया था। पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि दिल्ली के महेंद्र पार्क थाने में जैली के खिलाफ कई संगीन धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज थे। इनमें हत्या भी शामिल है।
इनामी बदमाश को पकड़ने के लिए दिल्ली से स्पेशल टीम आई थी। टीम में 10 सदस्य थे। इनमें महिला कांस्टेबल भी शामिल थी। एसएसपी ने बताया इस तरह की स्पेशल टीम आतंकियों एवं उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तैयार की जाती है। बताया कि टीम को बिचुआ गांव पहुंचाने के लिए रुद्रपुर से एक कांस्टेबल भी भेजा गया था।
कुलवंत कौर के पड़ोस में ही रहने वाली उसकी छोटी बहन छिंदो कौर का आरोप है कि सादी वर्दी में आए पुलिस कर्मी जरनैल का एनकाउंटर करना चाहते थे। उसने और परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस से बहुत मिन्नतें कीं तो पुलिस उसे गंभीर हालत में अपने साथ ले गई।
दिल्ली पुलिस से बचने को पिछले एक साल से बुआ के पास रहा था जरनैल सिंह
थानाध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि दिल्ली पुलिस कब यहां पहुंची, इसकी थाने में कोई सूचना नहीं दी। उन्होंने न तो आमद कराई और न ही रवानगी। हालांकि एसएसपी डॉ. सदानंद दाते का कहना है कि दिल्ली पुलिस के साथ रुद्रपुर से भी एक पुलिस कर्मी भेजा गया था।
बिचई गांव में रहने वाली बुआ कुलवंत कौर का परिवार कृषक है। फूफा हरनेक सिंह अपने पिता दीवान सिंह के साथ खेतीबाड़ी करते हैं। कुलवंत कौर के तीन लड़के और एक लड़की है।
दिल्ली पुलिस से बचने के लिए जरनैल सिंह जैली बिचई गांव में अपनी बुआ कुलवंत कौर के घर पिछले एक साल से रह रहा था। पुलिस उसे यहां पकड़ न सके इसके लिए वह यहां से कभी दिल्ली चला जाता था तो कभी बिंदुखेड़ा गांव में रहने वाली कुलवंत की ननद के घर पर रहता था।
आरोपी एवं पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ की घटना की एफआईआर नानकमत्ता थाने में दर्ज नहीं हुई। इसका जवाब देते हुए एसएसपी ने कहा कि घटना की एफआईआर दिल्ली पुलिस द्वारा ही दर्ज कराई जाएगी।