देहरादून: कोर्टरूम से कैदी फरार, विधानसभा में हंगामा
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छेड़छाड़ और पोस्को अधिनियम के मामले में गैर जमानती वारंट पर आत्मसमर्पण करने वाला आरोपी जमानत न मिलने पर देहरादून के जनपद न्यायाधीश कोर्ट से दबे पांव फरार हो गया। इसी बीच विधानसभा में फरारी का मामला उठने के कारण पुलिस में अफरातफरी का माहौल रहा।
सदन में मुख्यमंत्री को जवाब देना पड़ा कि आरोपी पुलिस की नहीं न्यायिक अभिरक्षा से फरार हुआ है। कोर्ट मोहर्रिर ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। देर रात उसे सहारनपुर में टिपरी स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।
29 सितंबर 2013 को ऋषिकेश कोतवाली में राहुल चोटी निवासी सुमन विहार के खिलाफ बालिका से छेड़छाड़ के मामले में मामला दर्ज हुआ था। डेढ़ साल पहले चोटी को जमानत मिल गई थी।
वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा का रहने वाला है। इन दिनों जनपद न्यायाधीश राम सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है। कोर्ट में पेश न होने पर दो फरवरी को राहुल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ जमानतियों को नोटिस जारी किए गए थे।
विधानसभा में उठा मामला तो मचा हड़कंप
मंगलवार दोपहर राहुल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। जनपद न्यायाधीश ने फाइल का अवलोकन करने के बाद राहुल को जेल भेजने का आदेश दिया। इसी बीच कटघरे में खड़ा राहुल नजरें बचाकर वहां से निकल गया।
कुछ देर बाद इसकी भनक लगी तो उसकी तलाश में भागदौड़ हुई। फरारी का यह मामला काफी देर तक पुलिस से छिपा रहा। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने सदन में पुलिस अभिरक्षा से फरारी का मामला उठाया तो पुलिस में हड़कंप मच गया।
पूरे दिन चली भागदौड़ के बाद राहुल को देर रात सहारनपुर में टिपरी स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। वह अजमेर जाने वाली ट्रेन में सवार था। डीआईजी संजय गुंज्याल ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
घंटे भर तक पुलिस को जानकारी ही नहीं
बंदी की फरारी को लेकर पुलिस एक घंटे तक गफलत में रही। कभी कोर्ट से एक और कभी अस्पताल से दो बंदियों की फरारी की खबर उड़ती रही। राहुल करीब दो से ढाई बजे के बीच फरार हुआ, लेकिन मामला करीब चार बजे सामने आया।
उस समय भी पुलिस अधिकारी कोई जानकारी होने से इनकार करते रहे। बाद में विधानसभा सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने कोर्ट परिसर आकर जानकारी ली तो मामला खुला।
नजरें बचाकर निकला राहुल
अदालत के आदेश पर राहुल चोटी को जेल भेजने के लिए कागजात तैयार हो रहे थे। इसी बीच राहुल नजरें बचाकर चुपचाप निकल गया। पुलिस का मानना है कि उसे जमानत मिलने की उम्मीद थी और जेल जाने की बात सुनकर वह भाग निकला।
चार बार हुए कोर्ट से वारंट
कोर्ट में फरार होने वाले राहुल चोटी का यह पहला वारंट नहीं है। इससे पहले भी तीन बार उसके वारंट जारी हो चुके हैं।
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि कोर्ट में पेशी पर न आने पर पहले 8 नवंबर 2013, 28 मार्च 14, 11 अगस्त को वारंट जारी हो चुके है, लेकिन वह बीच में पेश होकर उन्हें वापस करा लेता था। चौथे वारंट पर अदालत ने जेल भेजने का फैसला लिया था।
चोरी में शामिल रहा चोटी
फरार राहुल चोटी ऋषिकेश से चोरी भी करता रहा। चोरी के मामले में कई माह पहले वह दो साथियों के साथ जेल गया था। पुलिस ने उसके पास से मकान से चुराए गए सोने के जेवरात, एलसीडी और गैस सिलेंडर बरामद किया था।