दलित युवक का गला काटने वाले शिक्षक को उम्रकैद, जानिए क्या हुआ था उस दिन
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एक सनसनीखेज वारदात के तहत एक शिक्षक ने गुस्से में आकर एक दलित युवक का गला काट दिया था। आरोपी को उम्रकैद की सजा मिली है। जानिए, खबर में कि क्या हुआ उस दिन।
बागेश्वर जिले के भेटा करड़िया गांव में हुए बहुचर्चित दलित युवक हत्याकांड में जिला न्यायालय के विशेष सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त को 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
आटा चक्की में हुई थी बहस
जानकारी के अनुसार, कांडा तहसील के दूरस्थ भेटा करड़िया गांव में पांच अक्तूबर 2016 की शाम को कुंदन सिंह भंडारी की आटा चक्की में गेहूं पिसवाने गए सोहन राम और शिक्षक ललिता प्रसाद कर्नाटक की किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। सोहन राम के चक्की के बाहर निकलते ही ललिता प्रसाद ने दरांती से सोहन राम की गर्दन काट दी।
सोहन राम की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों की ओर से कांडा थाने में ललिता प्रसाद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला जिला न्यायालय बागेश्वर में चला। परीक्षण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पीसी टम्टा ने 13 गवाह प्रस्तुत किए।