सगी बहनों की गला काटकर हत्या करने वाले भाई को उम्रकैद
- सात बहनों के इकलौते भाई ने दो का काटा था गला
- संपत्ति विवाद में दामाद के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम
- डोईवाला थाना क्षेत्र के कुआंवाला में वर्ष 2011 में हुई थी वारदात
- दामाद को भी आजीवन कारावास की सजा
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विस्तार
संपत्ति विवाद में अपनी दो सगी बहनों का चापड़ से गला काटने के आरोपी भाई और उसके दामाद को अदालत ने आजीवन कैद एवं दोनों को एक लाख 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम विनोद कुमार की अदालत में सुनवाई हुई।
सात बहनों के इकलौते भाई ने अपने दामाद के साथ मिलकर वर्ष 2011 में संपत्ति विवाद को लेकर दो बहनों का गला काट दिया था। अर्थदंड न देने पर दोनो को एक साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामला डोईवाला थाना क्षेत्र के कुआंवाला का है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार संपत्ति विवाद में रतन ने अपने दामाद सत्यवान के साथ मिलकर अपनी सगी बहनों जगवंती देवी (50) एवं भगवंती देवी (38) की 30 मार्च वर्ष 2011 को चापड़ से गला काटकर हत्या कर दी थी।
सात बहनों के इकलौते भाई ने दो का काट दिया गला
सुनवाई में कुआंवाला निवासी सत्यवती ने कहा कि वे सात बहनें और एक भाई है। पिता रमई प्रसाद ने कुआंवाला स्थित अपनी संपत्ति के पांच हिस्से किए थे। उसके इकलौते भाई रतन कुमार ने अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। जिसे बाद में हम बहनों ने खरीद लिया था।
इसके बाद से उसका भाई संपत्ति को लेकर बहनों से रंजिश रखने लगा। 30 मार्च को उसने उसकी दोनों बहनों जगवंती व भगवंती की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में रतन, सत्यवान (रतन का दामाद), सरला व मनीषा को हत्या एवं हत्या के षडयंत्र का आरोपी बनाया था, लेकिन साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रतन की पत्नी सरला व बेटी मनीषा को बरी कर दिया।
फांसी की सजा की मांग की
जिला शासकीय अधिवक्ता गुरु प्रसाद रतूड़ी ने अदालत से कहा कि दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाए। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तीन बिस्वा जमीन के लिए इकलौते भाई ने अपने जमाई के साथ मिलकर अपनी दो सगी बहनों की चापड़ से गला काटकर हत्या की।
बहनों के सिर काटकर धड़ से अलग किए
दोषियों ने दोनों बहनों के सिर काटकर धड़ से अलग कर दिए थे। मृतक महिलाओं के शरीर पर चापड़ से 10-10 घाव के निशान थे। अभियोजन की ओर से आरोप को साबित करने के लिए अदालत में 17 गवाह पेश किए गए।
मेरे भाई व जमाई को दी जाए फांसी
कोर्ट में फैसला सुनाए जाने के बाद मृतका की छोटी बहन सहारनुपर निवासी विद्यावती ने कहा कि मेरी बहनों के हत्यारों इकलौते भाई रतन कुमार व जमाई को फांसी की सजा सुनाई जानी चाहिए थी। कोर्ट में सजा सुनाए जाने के दौरान विद्यावती के पति लोकेश यादव भी कोर्ट में मौजूद रहे।