आग बुझाने वालों में खूनी संघर्ष, 9 घायल
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उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में ग्रास्टनगंज फायर स्टेशन में शनिवार देर रात फायर कर्मियों के दो गुटों में खूनी संघर्ष हुआ। जवानों के दो गुटों में हुए खूनी संघर्ष में नौ जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
जवानों में खूनी संघर्ष की सूचना पर उच्चाधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी दलबल के साथ फायर स्टेशन पहुंचीं। सभी जवानों का मेडिकल कराया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अजय जोशी रविवार को कोटद्वार पहुंचे। उन्होंने शहर से करीब दस किमी दूर सनेह पुलिस चौकी में गोपनीय ढंग से कर्मचारियों और अधिकारियों की क्लास ली।
नौ फायरकर्मी निलंबित, एक लाइन हाजिर
एसपी अजय जोशी ने नौ फायर कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि एक को लाइन हाजिर होने के आदेश दिए। मामले की जांच मुख्य अग्निशमन अधिकारी पौड़ी को सौंपी गई है।
शनिवार की रात फायर स्टेशन में शराब पीकर कर्मचारियों के दो गुटों में पहले हाथापाई हुई। इसके बाद लाठीडंडे और रॉड निकल आई। करीब दो-ढाई घंटे फायर ब्रिगेड में हंगामा होता रहा।
हालात बेकाबू होने पर फायर स्टेशन के इंचार्ज एफएसओ मदन बहादुर खत्री ने घटनाक्रम की जानकारी सीओ अरुणा भारती के साथ ही उच्चाधिकारियों को दी।
संघर्ष के दौरान फायरिंग की भी खबर
मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सभी घायल सिपाहियों का रात में ही राजकीय अस्पताल में मेडिकल कराया और एसपी को घटना की जानकारी दी।
नीलकंठ लक्ष्मण झूला में बैठक के सिलसिले में आए एसपी सुबह तड़के कोटद्वार पहुंचे। पौड़ी के सीएफओ संदीप कुमार राणा ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
हंगामे के दौरान फायरिंग की भी चर्चा है, लेकिन अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। खूनी संघर्ष की वजह कर्मचारियों के बीच ड्यूटी को लेकर हुई कहासुनी बताई जा रही है।
इन्हें किया गया निलंबित
प्रेम सिंह, दीपक राठौर, प्रदीप (थर्ड), बलबीर सिंह, अमित वर्मा, संदीप शर्मा, रवि थापा, राजेश और संजय कैंतुरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं ड्यूटी कर रहे फायर मैन विपिन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया।