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रिश्वतखोर वाणिज्य कर का डिप्टी कमिश्नर करोड़ों का मालिक
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 14 Jul 2016 07:12 PM IST
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दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल के पास करोड़ों की संपत्ति का हिसाब-किताब मिला हैं।
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विजिलेंस ने उनके आवास से एक लाख की नकदी के अलावा सात-आठ बैंकों की पास बुक, कई प्रापर्टी और बीमा पॉलिसी जब्त की है। विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने के लिए संपत्ति की जांच पड़ताल में जुटी है। उधर तीसरे पहर कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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विजिलेंस ने मंगलवार देर रात वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल को फिल्पकार्ट कंपनी के क्षेत्रीय एजेंसी संचालक से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा था। बृजवाल ने चोरी का मामला दर्ज करने की धमकी देकर 11 लाख रुपये की डिमांड उससे की थी। गिरफ्तारी के कई घंटे बाद उनके आवास पर छानबीन की गई।
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विजिलेंस के डायरेक्टर अशोक कुमार की माने तो डिप्टी कमिश्नर के आवास से एक लाख रुपये की नकदी के अलावा करीब 30 लाख की बीमा पालिसी मिली है। सात-आठ बैंकों में करीब 25 लाख रुपये की नगदी जमा है। इसके अलावा कई प्रापर्टी के कागजात मिले हैं। पूरी संपत्ति की जांच पड़ताल की जा रही है।
कोई चतुराई काम नहीं आई
डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल की कोई चतुराई काम नहीं आई है। रिश्वत लेने के लिए उन्हाेंने न तो आफिस और ना ही घर का उपयोग किया। रिश्वत देने वाले को आठ से दस मिनट पहले ही जगह बताई थी। अंधेरे में कार लगाकर डिप्टी कमिश्नर ने यह रकम ली थी। घर तक पहुंचाने में करीब एक घंटे विजिलेंस टीम को उलझाएं रहा। दूसरे स्रोत से पुलिस उसके आवास तक पहुंची।
सरकारी अधिकारियों का डाटा रखेगी विजिलेंस
विजिलेंस सरकारी विभागों के अधिकारियों का डाटा रखेगी। विजिलेंस के एसपी बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि तमाम विभागों के अधिकारियों के नाम, फोन और आवासीय पतों की जानकारी हासिल की जा रही है, जिसकी बुकलेट बनाकर रखी जाएगी, ताकि ट्रेप के दौरान उनके आवास तक आसानी से पहुंचा जा सके।
साढे़ पांच साल में 79 रिश्वतखोर
विजिलेंस के डायरेक्टर अशोक कुमार की माने तो 2011 से 2016 तक 79 सरकारी अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। इनमें 28 राजपत्रित और 51 अराजपत्रित अधिकारी पकड़े गए। इस साल अब तक 15 ट्रेप में सात राजपत्रित और 11 अराजपत्रित अधिकारी पकडे़ गए।