फर्जी बिल बनाकर लाखों की हेराफेरी, पूर्व प्रिंसिपल अरेस्ट
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फर्जी बिल तैयार कर लाखों का घपला करने वाले पॉलीटेक्निक के पूर्व प्रधानाचार्य को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 11 लाख 40 हजार रुपये की हेराफेरी के इस मामले की दो साल से जांच चल रही थी।
अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी फिलहाल निलंबित चल रहा है।
ऋषिकेश के मुनि की रेती निवासी शालिगराम गुप्ता पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित थलनदी राजकीय ग्रामीण पॉलीटेक्निक में प्रधानाचार्य थे। आरोप है कि गुप्ता ने 19 अगस्त से 18 नवंबर 2004 के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सामुदायिक विकास योजना के तहत आए 11.40 लाख रुपये में हेराफेरी की।
इस रकम से टीवी सैट, प्रिंटर, मोटरसाइकिल, स्कूटर, मोबाइल, सिलाई मशीन, वोल्टमीटर आदि सामान खरीदना बताया गया, लेकिन बाद में अधिकतर बिल फर्जी निकले।
2012 में विजिलेंस को सौंपी गई जांच
गुप्ता के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई। विभागीय जांच के बाद सरकार ने वर्ष 2012 में मामले की तह तक जाने के लिए जांच विजिलेंस को सौंपी दी। जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने मुनि की रेती स्थित आवास जाकर गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जहां से उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक मामला खुलने के बाद गुप्ता को प्राविधिक शिक्षा श्रीनगर से संबद्ध कर दिया गया था। फिलहाल वह निलंबित है।
यहां करें शिकायत
यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो विजिलेंस के मोबाइल नंबर 9456591894 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।