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चैटिंग के जुनून में ITBP जवान ने कमांडर के खून से रंग लिए हाथ

Sat, 11 Jul 2015 11:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 11 Jul 2015 11:39 AM IST
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after punishment on chating ITBP personnel killed officer.

(तस्वीर- गोली मारने का आरोपी (लाल घेरे में) और दायें मृतक कमांडर)

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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आईटीबीपी चौकी पर आईटीबीपी के सिपाही की ओर से गारद कमांडर को गोलियों से भून डालने के पीछे आरोपी का मोबाइल के प्रति जुनून ही वजह माना जा रहा है।

सूत्रों की मानें, तो गारद कमांडर ने पहले दिन ड्यूटी पर मोबाइल पर चैटिंग करने पर जवान को डांटा था, दूसरे दिन मोबाइल जब्त किया और तीसरे दिन सजा का फरमान का सुनाया। इससे आईटीबीपी का आरोपी सिपाही बौखला गया और गारद कमांडर की जान ले ली।
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आईटीबीपी चौकी पर जो कुछ भी हुआ वो बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि अनुशासित बल में ऐसी घटनाएं देखने को नहीं मिलती। जो बातें सामने आई हैं उसके अनुसार, मुद्दा भी इतना बड़ा नहीं है कि इस हद तक आपा खो दिया जाए।

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पहले डांट, दूसरे दिन मोबाइल छीना, तीसरे दिन सजा

after punishment on chating ITBP personnel killed officer.

आईटीबीपी के अधिकारी तो इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन पुलिस अधिकारियों की देर रात की जांच में सिपाही चंद्रशेखर का मोबाइल के प्रति जुनून ही खून-खराबे की वजह प्रतीत हो रहा है।

पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह की माने तो मोबाइल का यह मुद्दा तीन दिन से चल रहा था। बातचीत में पता चला है कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल का प्रयोग करने को लेकर बीते बुधवार को पहले दिन बात बिगड़ी थी। उस दिन गारद कमांडर ने ड्यूटी पर मोबाइल चैटिंग न करने की नसीहत दी थी।

बॉस का आर्डर मानने के बजाए बृहस्पतिवार को फिर सिपाही ने वही गलती दुहराई। इस बार सिपाही के दोनों मोबाइल जब्त करने की कार्रवाई हुई। शुक्रवार को तीन दिन तक पिट्ठू की सजा देने को लेकर गारद कमांडर सुरेंद्र लाल और आरोपी सिपाही चंद्रशेखर के बीच तीखी झड़प भी हुई थी।

शाम को हुई थी बहस, समझाने का नहीं असर

after punishment on chating ITBP personnel killed officer.

साथी एसआई ने चंद्रशेखर को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। नतीजा इतना बुरा हो सकता था, यह किसी न नहीं सोचा था। सुरक्षा बलों में अनुशासन को लेकर इस तरह की सजाएं रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानी जाती हैं। वहीं, आरोपी सिपाही और मृतक दारोगा दोनों हिमाचल प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।

फिर सुर्खियों में आई अकादमी
मसूरी। आईटीबीपी के जवान की ओर से गारद कमांडर की हत्या और साथी जवान को घायल करने की घटना के बाद एलबीएस अकादमी फिर सुर्खियों में आ गई है।

पिछले दिनों रूबी चौधरी के फर्जी आईएएस के रूप में यहां रहने को लेकर अकादमी की खूब फजीहत हुई थी। इस मामले की जांच अभी विचाराधीन है।

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