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भारत स्टेट बिल्डिंग से अवैध कब्जे हटाए

Sun, 30 Sep 2018 02:13 AM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 02:13 AM IST
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भारत स्टेट बिल्डिंग से अवैध कब्जे हटाए
भारत स्टेट बिल्डिंग से अवैध कब्जे हटाए
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एलआईसी अफसरों ने शनिवार को नारी शिल्प रोड स्थित भारत स्टेट बिल्डिंग से अवैध कब्जों को हटवाने का अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एसआईसी अफसर भारत स्टेट बिल्डिंग पहुंचे और अवैध कब्जेदारों से दो गोदाम और सात फ्लैट खाली करवाकर अपने कब्जे में ले लिया।
शनिवार को गोदाम और फ्लैट खाली करवाने के दौरान कब्जेदारों ने विरोध की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण बेअसर हुआ। कुछ ही देर में इस मामले को लेकर सियासी पैंतरेबाजी भी शुरू हुई। कुछ कांग्रेसी नेता कब्जेदारों के समर्थन में एलआईसी अफसरों से बहस करने लगे। जब उन्हें कोर्ट के आर्डर दिखाए गए तब जाकर तेवर ठंडा पड़ा। मौके पर तहसीलदार एमसी रमोला बतौर मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।
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प्रबंधक संपदा, एसआईसी देशराज ने बताया कि इस तरह के संपत्ति से जुड़े कुल 66 मामले हैं जिनपर अवैध कब्जा है। इनमें से कुछ मामले स्टेट आफीसर कोर्ट में विचाराधीन हैं। 5 अक्तूबर के बाद फिर से अवैध कब्जों से मुक्त करवाने का अभियान छेड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को 15 अवैध कब्जों को मुक्त करवाने की कोशिश की गई जिनमें 9 पर सफलता मिली है। इन संपत्तियों को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है। इसी क्रम में अवैध कब्जों को मुक्त करने के लिए एलआईसी की ओर से 1815 लोगों को नोटिस दिए गए हैं। इन पर कार्रवाई के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। कार्रवाई के दौरान मौके पर एलआईसी के अफसरों का जमावड़ा रहा। इनमें मुख्य प्रबंधक विमल किशोर, प्रबंधक लीगल राजेश गोयल सहित प्रशासनिक अधिकारियों में एएम पांथरी, डीपी सिंह, एसके सिसोदिया, प्रदीप कुमार के अलावा विकास अधिकारी जेडीएस बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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बिल्डिंग को जर्जर घोषित कर चुका है नगर निगम
भारत स्टेट बिल्डिंग में अवैध कब्जा और खाली करवाने की कोशिशें नई नहीं हैं। यह भवन वर्ष 1955 में निर्मित हुआ था। बाद में एलआईसी के मालिकाना हक में आ गया। भवन में बने फ्लैट और गोदामों को किराए पर उठाया गया था। बाद में लोगों ने नोटिस के बावजूद खाली नहीं किया तो एलआईसी ने अवैध कब्जा घोषित कर कागजी कार्यवाही शुरू की। इसी के तहत वर्ष 2002 में किराया भी रिवाइज किया गया था। इस बिल्डिंग में आज भी अधिकतम किराया 100 रुपये है।
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