दो हजार की रिश्वत लेने वाले बैंक मैनेजर को 4 साल की कैद
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वर्ष 2008 में एक किसान से किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए दो हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी बैंक प्रबंधक को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी पाया है। अदालत ने उसे चार साल की कैद एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शेरपुर खेलमऊ शाखा रुड़की का है।
शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत में हुई सुनवाई में अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए।
अदालत ने दोषी बैंक प्रबंधक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई। बताया गया कि दोषी बागड़ी गनई अल्मोड़ा का रहने वाला है और वर्तमान में पीलीभीत उत्तर प्रदेश में बैंक प्रबंधक है।
6 नवंबर को मांगी रिश्वत, 10 को गिरफ्तार
हरिद्वार जिले के ग्राम शेरपुर खेलमऊ थाना झबरेड़ा निवासी राजेंद्र कुमार को अपनी मां बाला देवी के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना था। उसने वर्ष 2008 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शेरपुर खेलमऊ शाखा में आवेदन किया।
आवेदन में कहा कि उसकी मां के नाम पर करीब पांच बीघा जमीन है। उसे 25 हजार रुपये की लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड दिया जाए। राजेंद्र के मुताबिक दो महीने बाद उसने फिर अनुरोध किया, लेकिन कई बार अनुरोध के बावजूद आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ।
बताया कि बैंक प्रबंधक पुरखी राम ने छह नवंबर वर्ष 2008 को उससे दो हजार रुपये की रिश्वत मांगी। राजेंद्र ने शिकायत पुलिस अधीक्षक सीबीआई देहरादून डीएस शुक्ला से की। एसपी सीबीआई ने पुलिस उप निरीक्षक सुशील दीवान को जांच सौंपी। सीबीआई ने जांच में मामला सही पाया और दस नवंबर वर्ष 2008 को आरोपी को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।