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किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास में चार साल कैद
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किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास में चार साल कैद
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नाबालिग का अपहरण और उससे दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश रमा पांडे की अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस जुर्माने में से 20 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि मुकदमा एक अगस्त 2016 को प्रेमनगर थाने में दर्ज कराया था। घटनाक्रम के अनुसार विंग नंबर दो निवासी एक 14 वर्षीय लड़की अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। शाम के समय जब उसके पिता ने उसे तलाशना शुरू किया तो पड़ोसियों ने बताया कि सलीम नाम के युवक के साथ उसे देखा गया है। इसके बाद किशोरी के पिता सलीम के कमरे में पहुंचे तो वहां पर उनकी पुत्री सहमी बैठी हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने दिसंबर 2016 में ही चार्जशीट दाखिल की। इस आधार पर मुकदमे का विचारण शुरू हुआ और अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। इन गवाहों की गवाही और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे अपहरण में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, विवाह आदि के लिए अपहरण करने के दोष में तीन साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना और दुष्कर्म के प्रयास में चार साल कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी घटना के बाद से ही सुद्धोवाला जिला कारागार में बंद है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नाबालिग का अपहरण और उससे दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश रमा पांडे की अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस जुर्माने में से 20 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि मुकदमा एक अगस्त 2016 को प्रेमनगर थाने में दर्ज कराया था। घटनाक्रम के अनुसार विंग नंबर दो निवासी एक 14 वर्षीय लड़की अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। शाम के समय जब उसके पिता ने उसे तलाशना शुरू किया तो पड़ोसियों ने बताया कि सलीम नाम के युवक के साथ उसे देखा गया है। इसके बाद किशोरी के पिता सलीम के कमरे में पहुंचे तो वहां पर उनकी पुत्री सहमी बैठी हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने दिसंबर 2016 में ही चार्जशीट दाखिल की। इस आधार पर मुकदमे का विचारण शुरू हुआ और अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। इन गवाहों की गवाही और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे अपहरण में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, विवाह आदि के लिए अपहरण करने के दोष में तीन साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना और दुष्कर्म के प्रयास में चार साल कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी घटना के बाद से ही सुद्धोवाला जिला कारागार में बंद है।
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