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156 शिक्षाधिकारियों ने दिखाया डीजी के आदेश को ठेंगा
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:22 AM IST
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156 शिक्षाधिकारियों ने दिखाया डीजी के आदेश को ठेंगा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पढ़ाई के स्तर में सुधार और स्कूलों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए विद्यालयों के निरीक्षण संबंधी महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा के आदेश को 156 शिक्षाधिकारियों ने ठेंगा दिखा दिया। अधिकारियों ने स्कूलों में झांका तक नहीं। इसमें मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी, खंड और उप शिक्षाधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। शिक्षाधिकारियों की नाफरमानी पर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की चेतावनी दी है।
महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा की ओर से मंडलीय, जनपदीय और विकास खंड स्तरीय अधिकारियों को आदेश किए गए थे कि हर महीने विद्यालयों में जाकर निरीक्षण और अनुश्रवण करें और इसकी रिपोर्ट दें। निरीक्षण और अनुश्रवण के लिए मंडलीय अधिकारियों के लिए न्यूनतम संख्या पांच, जिला स्तर के अधिकारियों के लिए 10 और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के लिए 15 निर्धारित की गई थी। नवंबर माह के कार्यवृत्त की समीक्षा में पाया गया कि बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर के मुख्य शिक्षाधिकारियों ने एक भी निरीक्षण नहीं किया।
बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और ऊधम सिंह नगर के जिला शिक्षाधिकारियों ने भी एक भी निरीक्षण नहीं किया। इसी तरह 36 खंड शिक्षाधिकारियों और 26 उप शिक्षाधिकारियों ने महानिदेशक के आदेश की नाफरमानी की है। इसी तरह चमोली, हरिद्वार, पौड़ी और रुद्रप्रयाग के मुख्य शिक्षाधिकारी समेत 38 खंड विकास अधिकारियों और 36 उप शिक्षाधिकारियों ने मानकों से न्यून निरीक्षण किया है। इन सबसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पढ़ाई के स्तर में सुधार और स्कूलों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए विद्यालयों के निरीक्षण संबंधी महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा के आदेश को 156 शिक्षाधिकारियों ने ठेंगा दिखा दिया। अधिकारियों ने स्कूलों में झांका तक नहीं। इसमें मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी, खंड और उप शिक्षाधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। शिक्षाधिकारियों की नाफरमानी पर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की चेतावनी दी है।
महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा की ओर से मंडलीय, जनपदीय और विकास खंड स्तरीय अधिकारियों को आदेश किए गए थे कि हर महीने विद्यालयों में जाकर निरीक्षण और अनुश्रवण करें और इसकी रिपोर्ट दें। निरीक्षण और अनुश्रवण के लिए मंडलीय अधिकारियों के लिए न्यूनतम संख्या पांच, जिला स्तर के अधिकारियों के लिए 10 और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के लिए 15 निर्धारित की गई थी। नवंबर माह के कार्यवृत्त की समीक्षा में पाया गया कि बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर के मुख्य शिक्षाधिकारियों ने एक भी निरीक्षण नहीं किया।
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बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और ऊधम सिंह नगर के जिला शिक्षाधिकारियों ने भी एक भी निरीक्षण नहीं किया। इसी तरह 36 खंड शिक्षाधिकारियों और 26 उप शिक्षाधिकारियों ने महानिदेशक के आदेश की नाफरमानी की है। इसी तरह चमोली, हरिद्वार, पौड़ी और रुद्रप्रयाग के मुख्य शिक्षाधिकारी समेत 38 खंड विकास अधिकारियों और 36 उप शिक्षाधिकारियों ने मानकों से न्यून निरीक्षण किया है। इन सबसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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