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मोबाइल के जुनून ने बनाया चंद्रशेखर को खूनी
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:20 AM IST
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मोबाइल के जुनून ने बनाया चंद्रशेखर को खूनी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मोबाइल के जुनून ने आईटीबीपी के जवान चंद्रशेखर को खूनी बना दिया था। ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने को लेकर उसका दारोगा से विवाद हुआ था। लगातार टोके जाने और मोबाइल जब्त होने से वह बौखला गया था। इसके बाद उसने खतरनाक कदम उठाया और दारोगा व साथी जवान पर अंधाधुंध फायरिंग कर फरार हो गया था।
2015 में गोलीकांड के बाद जब पुलिस जांच के लिए अकादमी पहुंची तो चंद्रशेखर और दारोगा सुरेंद्र लाल के बीच मोबाइल को लेकर हुए विवाद की जानकारी सामने आई थी। जांच में पता चला कि गारद कमांडर ने ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने पर उसे डांटा था। अगले दिन भी जब वह ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करता मिला तो कार्रवाई करते हुए मोबाइल जब्त कर लिया गया। अगले दिन फिर मोबाइल इस्तेमाल पर उसे पिट्ठू की सजा दी गई, जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ।
इससे चंद्रशेखर बौखला गया और बदला लेने का मौका ढूंढने लगा। उसे जल्द ही मौका मिल भी गया और उसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। दारोगा सुरेंद्र लाल की कुछ देर में ही मौत हो गई थी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मोबाइल के जुनून ने आईटीबीपी के जवान चंद्रशेखर को खूनी बना दिया था। ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने को लेकर उसका दारोगा से विवाद हुआ था। लगातार टोके जाने और मोबाइल जब्त होने से वह बौखला गया था। इसके बाद उसने खतरनाक कदम उठाया और दारोगा व साथी जवान पर अंधाधुंध फायरिंग कर फरार हो गया था।
2015 में गोलीकांड के बाद जब पुलिस जांच के लिए अकादमी पहुंची तो चंद्रशेखर और दारोगा सुरेंद्र लाल के बीच मोबाइल को लेकर हुए विवाद की जानकारी सामने आई थी। जांच में पता चला कि गारद कमांडर ने ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने पर उसे डांटा था। अगले दिन भी जब वह ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करता मिला तो कार्रवाई करते हुए मोबाइल जब्त कर लिया गया। अगले दिन फिर मोबाइल इस्तेमाल पर उसे पिट्ठू की सजा दी गई, जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ।
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इससे चंद्रशेखर बौखला गया और बदला लेने का मौका ढूंढने लगा। उसे जल्द ही मौका मिल भी गया और उसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। दारोगा सुरेंद्र लाल की कुछ देर में ही मौत हो गई थी।
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