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नाबालिग से दुराचार में सात साल की कैद
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बहला फुसलाकर नाबालिग को भगा ले जाने एवं दुराचार करने वाले युवक को दोषी पाते हुए विशेष जज पॉक्सो एक्ट रमा पांडे की अदालत ने सात साल के कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
मामला डोईवाला थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी के अनुसार 11 अप्रैल 2016 को डोईवाला थाना क्षेत्र निवासी तेरह वर्षीय छात्रा के माता-पिता ने क्षेत्र के ही एक व्यक्ति पर नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया था। पड़ताल के दौरान पुलिस के नाबालिग के लखीमपुर उत्तर प्रदेश में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने लखीमपुर निवासी उमा शंकर उर्फ छोटी को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। इस मामले की सुनवाई विशेष जज पॉक्सो एक्ट रमा पांडे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता एवं उसके अभिभावक मुकर गए और किशोरी के बालिग होने की बात कही। इसके बाद अदालत ने पीड़िता के 164 के बयान, स्कूल प्रिंसिपल द्वारा दिए गए आयु संबंधी प्रमाण-पत्र एवं डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्रों को नाबालिग पाते हुए सजा सुनाई।
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बहला फुसलाकर नाबालिग को भगा ले जाने एवं दुराचार करने वाले युवक को दोषी पाते हुए विशेष जज पॉक्सो एक्ट रमा पांडे की अदालत ने सात साल के कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
मामला डोईवाला थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी के अनुसार 11 अप्रैल 2016 को डोईवाला थाना क्षेत्र निवासी तेरह वर्षीय छात्रा के माता-पिता ने क्षेत्र के ही एक व्यक्ति पर नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया था। पड़ताल के दौरान पुलिस के नाबालिग के लखीमपुर उत्तर प्रदेश में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने लखीमपुर निवासी उमा शंकर उर्फ छोटी को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। इस मामले की सुनवाई विशेष जज पॉक्सो एक्ट रमा पांडे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता एवं उसके अभिभावक मुकर गए और किशोरी के बालिग होने की बात कही। इसके बाद अदालत ने पीड़िता के 164 के बयान, स्कूल प्रिंसिपल द्वारा दिए गए आयु संबंधी प्रमाण-पत्र एवं डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्रों को नाबालिग पाते हुए सजा सुनाई।
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