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सर्विलांस चला तो बदमाशों को जेल, नहीं तो पुलिस फेल
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सर्विलांस चला तो बदमाशों को जेल, नहीं तो पुलिस फेल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। गुडवर्क की लंबी लकीर खींचने वाली दून पुलिस इस बार लुटेरों के सामने पूरी तरह पस्त है। यह कहना गलत नहीं होगा सर्विलांस चला तो बदमाशों को जेल का रास्ता दिखाने में देर नहीं हुई, लेकिन जिन मामलों में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं हुआ, वहां पुलिस पैर पटकने के अलावा कुछ नहीं कर पाई। दून से लेकर ऋषिकेश में एक के बाद एक हुई नाकामी का फलसफा यही है।
वैसे तो दून पुलिस के दो साल उपलब्धियों भरे रहे हैं, लेकिन बड़ी से बड़ी वारदात के खुलासे का तमगा पाने वाली पुलिस पांच माह से बेबस है। लूट की वारदातें पुलिस के लिए पहेली बनती जा रही हैं। सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की तकनीक आने के बाद से पुलिस के काम के तौर-तरीके बदले हैं। इसी में बरसों पुराना मुखबिर तंत्र पीछे छूट गया है। अधिकांश वारदातों के खुलासे में सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों का बड़ा योगदान रहता है। जिन वारदातों में सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरे से मदद नहीं मिलती है, उनमें पुलिस मात खा जाती है। बसंत विहार में शराब ठेके के सेल्समैन को घायल कर तीन लाख रुपये लूटने, सरस्वती विहार में महिला सराफ लवी अग्रवाल की दुकान से दस लाख के जेवरात लूटने, ऋषिकेश में सराफ विनीत चौहान को गोली मारकर लूटपाट और व्यापारी की पत्नी से लूटपाट प्रकरण में तकनीक पुलिस के काम नहीं आई। अब प्रेमनगर में एनआरआई से लूटपाट में भी पुलिस को सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद ही सहारा है।
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डीजी ने सुराग मिलने का किया दावा
देहरादून। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने मंगलवार देर रात दावा किया है कि प्रेमनगर लूट के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उसी आधार पर पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी है। उन्हाेंने कहा कि दो-तीन दिन में वारदात का खुलासा होने की उम्मीद है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। गुडवर्क की लंबी लकीर खींचने वाली दून पुलिस इस बार लुटेरों के सामने पूरी तरह पस्त है। यह कहना गलत नहीं होगा सर्विलांस चला तो बदमाशों को जेल का रास्ता दिखाने में देर नहीं हुई, लेकिन जिन मामलों में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं हुआ, वहां पुलिस पैर पटकने के अलावा कुछ नहीं कर पाई। दून से लेकर ऋषिकेश में एक के बाद एक हुई नाकामी का फलसफा यही है।
वैसे तो दून पुलिस के दो साल उपलब्धियों भरे रहे हैं, लेकिन बड़ी से बड़ी वारदात के खुलासे का तमगा पाने वाली पुलिस पांच माह से बेबस है। लूट की वारदातें पुलिस के लिए पहेली बनती जा रही हैं। सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की तकनीक आने के बाद से पुलिस के काम के तौर-तरीके बदले हैं। इसी में बरसों पुराना मुखबिर तंत्र पीछे छूट गया है। अधिकांश वारदातों के खुलासे में सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों का बड़ा योगदान रहता है। जिन वारदातों में सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरे से मदद नहीं मिलती है, उनमें पुलिस मात खा जाती है। बसंत विहार में शराब ठेके के सेल्समैन को घायल कर तीन लाख रुपये लूटने, सरस्वती विहार में महिला सराफ लवी अग्रवाल की दुकान से दस लाख के जेवरात लूटने, ऋषिकेश में सराफ विनीत चौहान को गोली मारकर लूटपाट और व्यापारी की पत्नी से लूटपाट प्रकरण में तकनीक पुलिस के काम नहीं आई। अब प्रेमनगर में एनआरआई से लूटपाट में भी पुलिस को सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद ही सहारा है।
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डीजी ने सुराग मिलने का किया दावा
देहरादून। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने मंगलवार देर रात दावा किया है कि प्रेमनगर लूट के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उसी आधार पर पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी है। उन्हाेंने कहा कि दो-तीन दिन में वारदात का खुलासा होने की उम्मीद है।
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