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पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
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प्रतीकात्मक
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम यमुना वैली के महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी के अपहरण के मामले में सीबीसीआईडी ने मेरठ के पांच लोगों के खिलाफ अपहरण एवं एक अन्य के खिलाफ षड़यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है।
यूजेवीएनएल कर्मी शशांक चौधरी के अपहरण के मामले में 16 अप्रैल 2016 को विकासनगर थाने में कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच 29 मई 2016 को सीबीसीआईडी को सौंप दी गई। सीबीसीआईडी ने मामले की जांच कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है। मामले में सुशील कुमार, पंकज, विजेंद्र सिंह, जरनैल सिंह एवं नरेंद्र कुमार शर्मा सभी निवासी मेरठ के खिलाफ अपहरण, षड़यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। सौरभ चौधरी के खिलाफ षड़यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। वहीं, लालकुर्ती थाने में तत्कालीन एसआई राम मिलन यादव एवं आरक्षी नाजिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए विभागीय अनुमति के लिए रिपोर्ट उचित माध्यम से भेजी गई है। अनुमति मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आरोप पत्र में सीबीसीआईडी की ओर से 26 गवाह बनाए गए हैं।
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यह है मामला
आरोप है कि यूजेवीएनएल कर्मी का अपहरण कर मेरठ में उससे जबरन रजिस्ट्री कराई गई। प्रकरण में कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी अपहरण और षड़यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया गया।
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113 दिन बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
यूजेवीएनएल कर्मी शशांक चौधरी ने विकासनगर में मीडिया से वार्ता में कहा कि उनके अपहरण के 113 दिन बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। प्रकरण में उत्तराखंड के साथ ही यूपी पुलिस के भी कुछ लोग शामिल थे। इस वजह से पुलिस शुरुआत से ही प्रकरण की लीपापोती में लगी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस प्रकरण की डीजीपी और तत्कालीन राज्यपाल से शिकायत की। जिसके बाद उच्च स्तरीय जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ।
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उत्तराखंड जल विद्युत निगम यमुना वैली के महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी के अपहरण के मामले में सीबीसीआईडी ने मेरठ के पांच लोगों के खिलाफ अपहरण एवं एक अन्य के खिलाफ षड़यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है।
यूजेवीएनएल कर्मी शशांक चौधरी के अपहरण के मामले में 16 अप्रैल 2016 को विकासनगर थाने में कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच 29 मई 2016 को सीबीसीआईडी को सौंप दी गई। सीबीसीआईडी ने मामले की जांच कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है। मामले में सुशील कुमार, पंकज, विजेंद्र सिंह, जरनैल सिंह एवं नरेंद्र कुमार शर्मा सभी निवासी मेरठ के खिलाफ अपहरण, षड़यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। सौरभ चौधरी के खिलाफ षड़यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। वहीं, लालकुर्ती थाने में तत्कालीन एसआई राम मिलन यादव एवं आरक्षी नाजिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए विभागीय अनुमति के लिए रिपोर्ट उचित माध्यम से भेजी गई है। अनुमति मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। आरोप पत्र में सीबीसीआईडी की ओर से 26 गवाह बनाए गए हैं।
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यह है मामला
आरोप है कि यूजेवीएनएल कर्मी का अपहरण कर मेरठ में उससे जबरन रजिस्ट्री कराई गई। प्रकरण में कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी अपहरण और षड़यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया गया।
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113 दिन बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
यूजेवीएनएल कर्मी शशांक चौधरी ने विकासनगर में मीडिया से वार्ता में कहा कि उनके अपहरण के 113 दिन बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। प्रकरण में उत्तराखंड के साथ ही यूपी पुलिस के भी कुछ लोग शामिल थे। इस वजह से पुलिस शुरुआत से ही प्रकरण की लीपापोती में लगी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस प्रकरण की डीजीपी और तत्कालीन राज्यपाल से शिकायत की। जिसके बाद उच्च स्तरीय जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ।