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एफआरआई में भाई-बहन की नौकरी के नाम पर ठगे चार लाख
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एफआरआई में भाई-बहन की नौकरी के नाम पर ठगे चार लाख
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एफआरआई (फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट) में भाई और बहन को नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले एक कर्मचारी के अलावा उसकी परिचित महिला को आरोपी बनाया गया है।
प्रेमनगर के मोहनपुर निवासी नितिन कुमार ने एसएसपी निवेदिता कुकरेती से मिलकर बताया था कि गत वर्ष अप्रैल में उनकी परिचित महिला अंजू यादव ने घर आकर बताया कि एफआरआई में कुछ पदों पर भर्ती के लिए जगह निकली हैं। यदि वह अपनी बहन रचना शर्मा के साथ फार्म भर दे तो वह एफआरआई में कार्यरत शेर सिंह की मदद से उनकी नौकरी लगवा सकती है। इसकी एवज में उन्हें चार-चार लाख रुपये देने होंगे। इसमें से आधी रकम पहले और आधी रकम नौकरी मिलने के बाद देनी होगी। अंजू ने शेर सिंह को उनके घर बुलाकर बात कराई, जिसमें उसने भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पेशगी के तौर पर चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया। उस समय शेर सिंह ने विश्वास जमाने को चार लाख रुपये का चेक भी दिया। कई माह बाद परीक्षा देने के बाद भी चयन नहीं हुआ तो उन्होंने अगली भर्ती में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। सितंबर माह में भर्ती के लिए फिर से उनका फार्म जमा कराया गया है। इसी बीच शेर सिंह एफआरआई में स्थित आवास से गायब हो गया। पता चला कि वह तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चला गया है। शेर सिंह का चेक लेकर बैंक गए तो पता चला कि खाते में रकम नहीं है। एसएसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कैंट पुलिस को कार्रवाई निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एफआरआई (फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट) में भाई और बहन को नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले एक कर्मचारी के अलावा उसकी परिचित महिला को आरोपी बनाया गया है।
प्रेमनगर के मोहनपुर निवासी नितिन कुमार ने एसएसपी निवेदिता कुकरेती से मिलकर बताया था कि गत वर्ष अप्रैल में उनकी परिचित महिला अंजू यादव ने घर आकर बताया कि एफआरआई में कुछ पदों पर भर्ती के लिए जगह निकली हैं। यदि वह अपनी बहन रचना शर्मा के साथ फार्म भर दे तो वह एफआरआई में कार्यरत शेर सिंह की मदद से उनकी नौकरी लगवा सकती है। इसकी एवज में उन्हें चार-चार लाख रुपये देने होंगे। इसमें से आधी रकम पहले और आधी रकम नौकरी मिलने के बाद देनी होगी। अंजू ने शेर सिंह को उनके घर बुलाकर बात कराई, जिसमें उसने भी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पेशगी के तौर पर चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया। उस समय शेर सिंह ने विश्वास जमाने को चार लाख रुपये का चेक भी दिया। कई माह बाद परीक्षा देने के बाद भी चयन नहीं हुआ तो उन्होंने अगली भर्ती में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। सितंबर माह में भर्ती के लिए फिर से उनका फार्म जमा कराया गया है। इसी बीच शेर सिंह एफआरआई में स्थित आवास से गायब हो गया। पता चला कि वह तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चला गया है। शेर सिंह का चेक लेकर बैंक गए तो पता चला कि खाते में रकम नहीं है। एसएसपी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कैंट पुलिस को कार्रवाई निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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