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गुलदार की खाल तस्करी में दो को पांच साल की कैद

Fri, 08 Feb 2019 01:28 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 01:28 AM IST
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गुलदार की खाल तस्करी में दो को पांच साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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गुलदार की खालों के साथ पकड़े गए दो तस्करों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मदन राम की अदालत ने पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। इस प्रकरण में शामिल अन्य एक अभियुक्त फरार चल रहा है।
मामला दिसंबर वर्ष 2017 का कालसी भूमि वन संरक्षण प्रभाग की चौहडपुर रेंज का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 दिसंबर वर्ष 2017 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग गुलदार की खाल बेचने के इरादे से विकासनगर आने वाले हैं। सूचना पर वन विभाग के वन बीट अधिकारी राजेश कुमार अपने साथियों के साथ विकासनगर रोड पर जलालिया पीर आम के बाग के पास तीनों लोगों जयमोहन पुत्र सैदर सिंह निवासी लिवाडी थाना मोरी जिला उत्तरकाशी, रोजू सिंह पुत्र महिपाल निवासी जखोल थाना मोरी जिला उत्तरकाशी और नेपाल निवासी कुमार खत्री को रोका। तलाशी लेने पर इनके कब्जे से गुलदार की ढाई और डेढ़ मीटर की दो खालें बरामद हुईं। वन विभाग के अधिवक्ता अनिल कांडपाल ने बताया कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से एक और अभियोजन की ओर से चार गवाह पेश किए गए। आरोप साबित होने पर अदालत ने दो आरोपियों जयमोहन पुत्र सैदर सिंह निवासी लिवाडी थाना मोरी जिला उत्तरकाशी एवं रोजू सिंह पुत्र महिपाल निवासी जखोल थाना मोरी जिला उत्तरकाशी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी नेपाल निवासी कुमार खत्री जमानत के बाद से फरार चल रहा है। यही वजह रही कि इस प्रकरण में उसकी फाइल को अलग कर दो दोषियों के मामले में निर्णय हुआ है।
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अंतरराष्ट्रीय गिरोह में अभियुक्त की संलिप्तता से नहीं किया जा सकता इनकार
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
गुलदार की दो खालों की तस्करी के इस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मदन राम की अदालत ने फैसले में कहा कि इस प्रकरण में सह अभियुक्त कुमार खत्री नेपाल का निवासी है। इससे अंतरराष्ट्रीय गिरोह में अभियुक्त की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि वन्य जीवों का शिकार पर्यावरण और पारिस्थितिकी दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
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प्रकरण में सजा के सवाल पर दोषियों को सुना गया। दोनों दोषियों का कहना था कि वे मेहनत मजदूरी करते हैं, यह उनका पहला अपराध है उन्हें कम से कम सजा से दंडित किया जाए। इस पर अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने संसार चंद बनाम राजस्थान राज्य 2010 एससीसी 604 मामले में अंतरराष्ट्रीय गिरोह द्वारा संगठित रूप से देश में वन्य जीवों का शिकार किए जाने पर चिंता प्रकट करते हुए इसे पर्यावरण और पारिस्थतिकी दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया है। अदालत ने कहा कि प्रकरण गुलदार के शिकार का है जो गंभीर अपराध है। इस प्रकरण में सह अभियुक्त नेपाल का निवासी है। इससे अंतर्राष्ट्रीय गिरोह में अभियुक्त की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
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