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रेप पीड़िता दलित महिला ने एएसपी पर जड़े आरोप
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:21 PM IST
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हरिद्वार। ग्राम रावली महदूद के प्रधानपति प्रमोद पाल के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। कहा कि सिडकुल पुलिस सोमवार को दिन भर उस पर आरोपियों के पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाती रही।
सिडकुल क्षेत्र की एक महिला ने गांव रावली महदूद के प्रधानपति प्रमोद पाल पर नौकरी के बहाने चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर रेप करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि ग्राम प्रधान पति की शिकायत करने जब वह उसके घर पहुंची थी तब ग्राम प्रधान की पत्नी, भाई, मां एवं पिता ने उसके साथ मारपीट कर जातिसूचक शब्द कहे थे। मुकदमा दर्ज करने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। मंगलवार को प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से बातचीत में रेप पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने अब तक कोर्ट में उसके बयान भी नहीं दर्ज कराए हैं। सोमवार को सिडकुल पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण की बात कहकर ले गई थी और आरोपियों के पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। उसे कनखल, रानीपुर कोतवाली और सिडकुल थाने में घूमाया जाता रहा। आरोप है कि सिडकुल थाने में भी आरोपी ग्राम प्रधानपति के भाई ने उसे डराया धमकाया और मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। पीड़िता ने कहा कि मामले की जांच कर रही एएसपी रचिता जुयाल भी बयान बदलने के लिए डरा धमका रही है। इधर, एसओ कमल मोहन भंडारी ने महिला के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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सिडकुल क्षेत्र की एक महिला ने गांव रावली महदूद के प्रधानपति प्रमोद पाल पर नौकरी के बहाने चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर रेप करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि ग्राम प्रधान पति की शिकायत करने जब वह उसके घर पहुंची थी तब ग्राम प्रधान की पत्नी, भाई, मां एवं पिता ने उसके साथ मारपीट कर जातिसूचक शब्द कहे थे। मुकदमा दर्ज करने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। मंगलवार को प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से बातचीत में रेप पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने अब तक कोर्ट में उसके बयान भी नहीं दर्ज कराए हैं। सोमवार को सिडकुल पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण की बात कहकर ले गई थी और आरोपियों के पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। उसे कनखल, रानीपुर कोतवाली और सिडकुल थाने में घूमाया जाता रहा। आरोप है कि सिडकुल थाने में भी आरोपी ग्राम प्रधानपति के भाई ने उसे डराया धमकाया और मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। पीड़िता ने कहा कि मामले की जांच कर रही एएसपी रचिता जुयाल भी बयान बदलने के लिए डरा धमका रही है। इधर, एसओ कमल मोहन भंडारी ने महिला के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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