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पासपोर्ट बनाने के लिए वास्तविक तथ्यों को छिपाया
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:49 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
पासपोर्ट बनाने के लिए वास्तविक तथ्यों को छिपाना एक व्यक्ति को भारी पड़ा। मामले में एलआईयू ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुर्सलीम पुत्र भूरा निवासी ढालीपुर ने कुछ दिन पूर्व पासपोर्ट बनाने के लिए ऑनलाइन फार्म भरा। जिसमें उसने अपने ऊपर किसी भी तरह का मुकदमा न होने की बात अंकित की। पासपोर्ट कार्यालय के आदेश पर एलआईयू ने इसकी जांच की। जांच पड़ताल में पता चला कि मुर्सलीन के खिलाफ वर्ष 2013 में विकासनगर कोतवाली में चेक बाउंस होने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। यह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। तथ्यों को छिपाने पर एलआईयू ने मुर्सलीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल एसएस नेगी ने बताया कि पासपोर्ट बनाने के लिए तथ्यों को छिपाना अपराध है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विकासनगर।
पासपोर्ट बनाने के लिए वास्तविक तथ्यों को छिपाना एक व्यक्ति को भारी पड़ा। मामले में एलआईयू ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुर्सलीम पुत्र भूरा निवासी ढालीपुर ने कुछ दिन पूर्व पासपोर्ट बनाने के लिए ऑनलाइन फार्म भरा। जिसमें उसने अपने ऊपर किसी भी तरह का मुकदमा न होने की बात अंकित की। पासपोर्ट कार्यालय के आदेश पर एलआईयू ने इसकी जांच की। जांच पड़ताल में पता चला कि मुर्सलीन के खिलाफ वर्ष 2013 में विकासनगर कोतवाली में चेक बाउंस होने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। यह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। तथ्यों को छिपाने पर एलआईयू ने मुर्सलीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल एसएस नेगी ने बताया कि पासपोर्ट बनाने के लिए तथ्यों को छिपाना अपराध है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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