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खरीददार को बिहार की महिला ने बताया अपना पति
Updated Thu, 07 Sep 2017 09:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मानव तस्कर गैंग ने देवबंद सहारनपुर में बिहार की जिस महिला को साठ हजार में बेचा था, वह खरीदार को अपना पति मान चुकी है। महिला ने बताया कि उसने ने उसके दो बच्चों को भी अपनाया था इसलिए वह उसके साथ ही अपनी जिंदगी गुजारना चाहती है। महिला की इच्छानुसार पुलिस ने लिखा पढ़ी कर उसे खरीदार यानि अब पति को ही सौंप दिया।
मानव तस्करी निरोधक दस्ते ने टिहरी विस्थापित कालोनी से चल रहे मानव तस्कर गैंग का भंडाफोड़ किया था और एक महिला और एक युवती मुक्त कराई थी। पुलिस के हत्थे एक पूरा परिवार ही चढ़ा था। जिसकी मुखिया सीता देवी ने कई महत्वपूर्ण राज उगले थे। पुलिस ने सीता देवी के भाई रामदास को आठ दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि आरोपी रामदास ने एक महिला को देवबंद में बेचने की बात बताई थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिवपुर देवबंद से बृहस्पतिवार को महिला को बरामद कर लिया।
यहां लाकर पूछताछ करने पर महिला ने बताया कि उसका विवाह 2011 में बराईपुर छपरा से हुआ था और 20ा14 में दुर्घटना में पति की मौत हो गई थी। बताया कि तब से गैंग लीडर सीता देवी की बेटी बहू यहां ले आई थी और साठ हजार में अब उसके मौजूदा पति को बेचा था।
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मौजूदा पति ने उसके दो मासूम बच्चों को भी अपनाया था, लिहाजा वह उसके ही साथ रहना चाहती है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि महिला को उसके ही पति की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
हरिद्वार।
मानव तस्कर गैंग ने देवबंद सहारनपुर में बिहार की जिस महिला को साठ हजार में बेचा था, वह खरीदार को अपना पति मान चुकी है। महिला ने बताया कि उसने ने उसके दो बच्चों को भी अपनाया था इसलिए वह उसके साथ ही अपनी जिंदगी गुजारना चाहती है। महिला की इच्छानुसार पुलिस ने लिखा पढ़ी कर उसे खरीदार यानि अब पति को ही सौंप दिया।
मानव तस्करी निरोधक दस्ते ने टिहरी विस्थापित कालोनी से चल रहे मानव तस्कर गैंग का भंडाफोड़ किया था और एक महिला और एक युवती मुक्त कराई थी। पुलिस के हत्थे एक पूरा परिवार ही चढ़ा था। जिसकी मुखिया सीता देवी ने कई महत्वपूर्ण राज उगले थे। पुलिस ने सीता देवी के भाई रामदास को आठ दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि आरोपी रामदास ने एक महिला को देवबंद में बेचने की बात बताई थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिवपुर देवबंद से बृहस्पतिवार को महिला को बरामद कर लिया।
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यहां लाकर पूछताछ करने पर महिला ने बताया कि उसका विवाह 2011 में बराईपुर छपरा से हुआ था और 20ा14 में दुर्घटना में पति की मौत हो गई थी। बताया कि तब से गैंग लीडर सीता देवी की बेटी बहू यहां ले आई थी और साठ हजार में अब उसके मौजूदा पति को बेचा था।
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मौजूदा पति ने उसके दो मासूम बच्चों को भी अपनाया था, लिहाजा वह उसके ही साथ रहना चाहती है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि महिला को उसके ही पति की सुपुर्दगी में दे दिया गया।