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पूर्व अपर जिला विकास अधिकारी पर धोखाधड़ी का मुकदमा
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून/हल्द्वानी। अनुसूचित जाति की दुकानें दूसरे लोगों को नियम विरुद्ध आवंटित करने के मामले में पूर्व अपर जिला विकास अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है अधिकारी ने अनुसूचित जाति के लोगों का आवंटन बिना किसी अधिकार के रद्द किया था। इतना ही नहीं उन्होंने जिलाधिकारी के आदेशों की भी अवहेलना की है।
प्रभारी निरीक्षक डालनवाला राजीव रौथाण ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंकधर ने पूर्व अपर जिला विकास अधिकारी कांतिराम जोशी के खिलाफ तहरीर दी थी। वह वर्ष-2001 में देहरादून जिला समाज कल्याण विभाग में अपर जिला विकास अधिकारी थे। उस वक्त प्रेमनगर क्षेत्र में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लोगों को 28 दुकानें आवंटित की थी। इस दौरान कांतिराम जोशी ने इन दुकानों में से 15 दुकानों का निरस्तीकरण कर दिया और 14 दुकानों का पुन: आवंटन दूसरों को कर डाला। इसका पता जब प्रशासन को चला तो तत्कालीन जिलाधिकारी ने यह आवंटन रद्द करने के आदेश दिए। बावजूद इसके उन्होंने आदेशों को नहीं माना और शुल्क सरकारी खजाने में जमा करा लिया। इस पर जब समाज कल्याण विभाग ने लोगों से बात की और वास्तविकता जांची तो पता चला कि यह आवंटन अब रद्द नहीं किया जा सकता। इस तरह कांतिराम जोशी ने विभाग के साथ धोखाधड़ी की।
इस मामले में वर्तमान जिलाधिकारी ने भी जांच समिति गठित की थी। जिसने दो दिन पूर्व अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी। इसमें भी कांतिराम जोशी दोषी पाए गए। प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण ने बताया कि तहरीर पर कांतिराम जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी, अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करना, पद का दुरुपयोग करना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दुकानों के आवंटन में अनियमितताओं के चलते कांतिराम जोशी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। समाज कल्याण अधिकारी देहरादून की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य मुख्य सचिव समाज कल्याण विभाग
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देहरादून/हल्द्वानी। अनुसूचित जाति की दुकानें दूसरे लोगों को नियम विरुद्ध आवंटित करने के मामले में पूर्व अपर जिला विकास अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है अधिकारी ने अनुसूचित जाति के लोगों का आवंटन बिना किसी अधिकार के रद्द किया था। इतना ही नहीं उन्होंने जिलाधिकारी के आदेशों की भी अवहेलना की है।
प्रभारी निरीक्षक डालनवाला राजीव रौथाण ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंकधर ने पूर्व अपर जिला विकास अधिकारी कांतिराम जोशी के खिलाफ तहरीर दी थी। वह वर्ष-2001 में देहरादून जिला समाज कल्याण विभाग में अपर जिला विकास अधिकारी थे। उस वक्त प्रेमनगर क्षेत्र में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लोगों को 28 दुकानें आवंटित की थी। इस दौरान कांतिराम जोशी ने इन दुकानों में से 15 दुकानों का निरस्तीकरण कर दिया और 14 दुकानों का पुन: आवंटन दूसरों को कर डाला। इसका पता जब प्रशासन को चला तो तत्कालीन जिलाधिकारी ने यह आवंटन रद्द करने के आदेश दिए। बावजूद इसके उन्होंने आदेशों को नहीं माना और शुल्क सरकारी खजाने में जमा करा लिया। इस पर जब समाज कल्याण विभाग ने लोगों से बात की और वास्तविकता जांची तो पता चला कि यह आवंटन अब रद्द नहीं किया जा सकता। इस तरह कांतिराम जोशी ने विभाग के साथ धोखाधड़ी की।
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इस मामले में वर्तमान जिलाधिकारी ने भी जांच समिति गठित की थी। जिसने दो दिन पूर्व अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी। इसमें भी कांतिराम जोशी दोषी पाए गए। प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण ने बताया कि तहरीर पर कांतिराम जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी, अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करना, पद का दुरुपयोग करना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दुकानों के आवंटन में अनियमितताओं के चलते कांतिराम जोशी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। समाज कल्याण अधिकारी देहरादून की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य मुख्य सचिव समाज कल्याण विभाग