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प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर बनेगा कंट्रोल रूम
Updated Wed, 26 Sep 2018 02:09 AM IST
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प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर बनेगा कंट्रोल रूम
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जनपद में प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। फसलों को नुकसान होने पर इन कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकेगा। इसकी जिम्मेदारी न्याय पंचायत पर होगी। अभी यह व्यवस्था ऊधमसिंहनगर जिले में की गई। जो जल्द ही प्रदेश की सभी 670 न्याय पंचायत में लागू की जाएगी। यह जानकारी कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने दी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के संदर्भ में अफसरों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
कृषि मंत्री मंगलवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने कैंप कार्यालय में कृषि विभाग के निदेशालय स्तरीय अफसरों की बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया को त्वरित गति से निस्तारित किया जाए।
मंत्री ने बैठक के दौरान आयुक्त कुमाऊं मंडल एवं जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को फोन कर निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में धान की फसलों को नुकसान हुआ है, वहां दौरा कर आंकलन करें। यह प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली जाए, जिससे किसानों को बीमा का लाभ मुहैया कराया जा सके। उन्होंने इस दौरान सर्वाधिक नुकसान वाले क्षेत्रों की जानकारी भी ली। मुख्य कृषि अधिकारी ऊधमसिंह नगर ने अवगत कराया कि जनपद के खटीमा, जसपुर और गदरपुर क्षेत्र में फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। मंत्री ने किसानों से अपील भी की है कि जलभराव की स्थिति में तत्काल संबंधित जिले के मुख्य कृषि अधिकारी एवं संबंधित बीमा कंपनी को सूचित करें।
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बता दें कि इस बार भारी बारिश के कारण ऊधमसिंहनगर जिले में बडे़ स्तर पर फसलों को नुकसान हुआ है। जिसको देखते हुए विभाग ने किसानों को राहत देने के लिए स्थानीय स्तर पर ही सूचना दिए जाने की व्यवस्था की है। फसल को नुकसान होने पर 48 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी को जानकारी देनी होती है। जानकारी के अभाव में अधिकतर किसान समय पर सूचना नहीं दे पाते, जिस कारण उन्हें मुआवजा मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जनपद में प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। फसलों को नुकसान होने पर इन कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकेगा। इसकी जिम्मेदारी न्याय पंचायत पर होगी। अभी यह व्यवस्था ऊधमसिंहनगर जिले में की गई। जो जल्द ही प्रदेश की सभी 670 न्याय पंचायत में लागू की जाएगी। यह जानकारी कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने दी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के संदर्भ में अफसरों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
कृषि मंत्री मंगलवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने कैंप कार्यालय में कृषि विभाग के निदेशालय स्तरीय अफसरों की बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया को त्वरित गति से निस्तारित किया जाए।
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मंत्री ने बैठक के दौरान आयुक्त कुमाऊं मंडल एवं जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को फोन कर निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में धान की फसलों को नुकसान हुआ है, वहां दौरा कर आंकलन करें। यह प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली जाए, जिससे किसानों को बीमा का लाभ मुहैया कराया जा सके। उन्होंने इस दौरान सर्वाधिक नुकसान वाले क्षेत्रों की जानकारी भी ली। मुख्य कृषि अधिकारी ऊधमसिंह नगर ने अवगत कराया कि जनपद के खटीमा, जसपुर और गदरपुर क्षेत्र में फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। मंत्री ने किसानों से अपील भी की है कि जलभराव की स्थिति में तत्काल संबंधित जिले के मुख्य कृषि अधिकारी एवं संबंधित बीमा कंपनी को सूचित करें।
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बता दें कि इस बार भारी बारिश के कारण ऊधमसिंहनगर जिले में बडे़ स्तर पर फसलों को नुकसान हुआ है। जिसको देखते हुए विभाग ने किसानों को राहत देने के लिए स्थानीय स्तर पर ही सूचना दिए जाने की व्यवस्था की है। फसल को नुकसान होने पर 48 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी को जानकारी देनी होती है। जानकारी के अभाव में अधिकतर किसान समय पर सूचना नहीं दे पाते, जिस कारण उन्हें मुआवजा मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।