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नशे के विरुद्ध सभी को आना होगा साथ : डीजीपी
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:08 AM IST
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नशे के विरुद्ध सभी को आना होगा साथ : डीजीपी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी ने कहा कि ड्रग्स समाज के लिए बहुत बड़ी चुनौती है, इससे पार पाने के लिये हम सबको एक होना पड़ेगा। पुलिस लगातार इस पर अंकुश लगाने प्रयास कर रही है, मगर माता-पिता भी को अपने बच्चों के माहौल पर ध्यान देना होगा। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने यहां इस तरह का माहौल न बनने दें। पुलिस महानिदेशक मंगलवार को पुलिस लाइन में इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी ने ड्रग्स व अन्य प्रकार के नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दून में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए हर स्तर पर काम होना चाहिए। इसके लिए माता-पिता, कॉलेज व स्कूल प्रशासन, चिकित्सक आदि को साथ आना होगा।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि नशे पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई और जागरुकता की जरूरत है। इसके लिए त्रिस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसकी निगरानी एसटीएफ के माध्यम से की जाएगी। जो प्रत्येक माह थानों और जिलों में हुई कार्रवाई की समीक्षा करेगी। डीआईजी गढ़वाल रेंज ने कहा कि नशे के विरुद्ध काफी समय से अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस को काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली है, मगर इसमें अभी और काम होना है।
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इस मौके पर अधीक्षक नारकोटिक्स रवि शंकर जोशी ने अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रभारी एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने कहा कि एसटीएफ भी बड़े तस्करों पर नजर रखे हुए है। इसके अलावा वह समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नशे के बारे में बताया जा सके।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी ने कहा कि ड्रग्स समाज के लिए बहुत बड़ी चुनौती है, इससे पार पाने के लिये हम सबको एक होना पड़ेगा। पुलिस लगातार इस पर अंकुश लगाने प्रयास कर रही है, मगर माता-पिता भी को अपने बच्चों के माहौल पर ध्यान देना होगा। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने यहां इस तरह का माहौल न बनने दें। पुलिस महानिदेशक मंगलवार को पुलिस लाइन में इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी ने ड्रग्स व अन्य प्रकार के नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दून में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए हर स्तर पर काम होना चाहिए। इसके लिए माता-पिता, कॉलेज व स्कूल प्रशासन, चिकित्सक आदि को साथ आना होगा।
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अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि नशे पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई और जागरुकता की जरूरत है। इसके लिए त्रिस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसकी निगरानी एसटीएफ के माध्यम से की जाएगी। जो प्रत्येक माह थानों और जिलों में हुई कार्रवाई की समीक्षा करेगी। डीआईजी गढ़वाल रेंज ने कहा कि नशे के विरुद्ध काफी समय से अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस को काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली है, मगर इसमें अभी और काम होना है।
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इस मौके पर अधीक्षक नारकोटिक्स रवि शंकर जोशी ने अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रभारी एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने कहा कि एसटीएफ भी बड़े तस्करों पर नजर रखे हुए है। इसके अलावा वह समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नशे के बारे में बताया जा सके।