हरिद्वार: हॉस्टल में आत्महत्या करने वाले छात्र के परिजनों ने दो शिक्षकों पर दर्ज कराया मुकदमा
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ऋषिकुल विद्यापीठ छात्रावास में फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्र के परिजनों ने एक सुसाइड नोट के आधार पर छात्रावास के शिक्षक देवीदत्त कांडपाल और दिनेश चंद्र तिवारी के उत्पीड़न से आजिज आकर बेटे के आत्महत्या कर लेने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
छात्र के सुसाइड नोट का मिलान छात्र के हस्तलेखन से विशेषज्ञ से कराने की तैयारी पुलिस ने कर ली है। इसी साल 14 सितंबर को मूल रूप से दिल्ली के गली 14-ए शिव विहार करवाल नगर उत्तर पूर्वी निवासी दीपेश शर्मा (15) पुत्र दीपेश शर्मा का शव ऋषिकुल विद्यापीठ छात्रावास के बरामदे में धोती के फंदे पर झूलता मिला था।
आठवीं कक्षा में अध्ययनरत रहे छात्र के आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं हो सकी थी। तब परिजन पोस्टमार्टम कराने के बाद शव लेकर चले गए थे। तब सामने आया था कि छात्र अपने दादा की मौत के बाद से मानसिक तनाव में चल रहा था।
क्यों करते थे उत्पीड़न
मंगलवार को एसपी सिटी ममता वोहरा से मिलने पहुंचे परिजन ने दो सुसाइड नोट दिखाए। जानकारी दी कि दीपेश की नेकर को उसकी मां धो रही थी, तब उसे जेब से यह दो सुसाइड नोट मिले थे। सुसाइड नोट में छात्र ने अपने शिक्षक देवीदत्त कांडपाल और प्रकाश चंद्र तिवारी पर जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया और लिखा है कि इसलिए वह पूरे होश हवास में सुसाइड कर रहा है।
एसपी सिटी के निर्देश पर हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने पिता पंकज शर्मा की तहरीर पर शिक्षकों के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छात्र के हस्तलेखन का मिलान सुसाइड नोट से कराया जाएगा।
छात्र ने आखिर सुसाइड क्यों किया। यह सवाल अब भी जस का तस है। भले ही सुसाइड नोट के आधार पर शिक्षकों के उत्पीड़न करने की बात सामने आई है, लेकिन यह बात साफ नहीं हो सकी है कि आखिर छात्र का उत्पीड़न वह क्यों करते थे। इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का फोकस अब छात्रावास से इस सवाल का जवाब ढूंढने में है। क्योंकि छात्रावास से ही इस सवाल का जवाब मिल सकता है।