{"_id":"6263019ae3a2bb60cd33f0e6","slug":"couples-took-advantage-of-free-camp-city-news-drn409769667","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में निसंतान दंपत्तियों ने उठाया निशुल्क शिविर का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में निसंतान दंपत्तियों ने उठाया निशुल्क शिविर का लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में नि:संतान दंपतियों के लिए शुक्रवार को निशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया गया। अमर उजाला फाउंडेशन और श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के सहयोग से आयोजित शिविर में निशुल्क पंजीकरण और निशुल्क परामर्श की व्यवस्था थी।
श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के आईवीएफ सेंटर (नॉर्थ ब्लॉक, चौथी मंजिल) में सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक दंपतियों ने शिविर का लाभ उठाया। अस्पताल की आईवीएफ इंचार्ज डॉ. आकृति गुप्ता ने दंपतियों को चिकित्सीय परामर्श दिए और नि:संतानता से जुड़ी बीमारियों के आधुनिक उपचारों के बारे में सुझाव दिया। उन्होंने मरीजों की काउंसिलिंग की और समझाया कि ऐसे दंपति सही प्रक्रिया अपनाकर मातृत्व-पितृत्व सुख प्राप्त कर सकते हैं। शिविर का शुभारंभ अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय पंडिता ने किया। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में एक छत के नीचे सभी उपचार उपलब्ध हैं। नि:संतान दंपतियों के लिए आधुनिक आईवीएफ सेंटर है। वे यहां समुचित उपचार लेकर घर में शिशु की किलकारियां सुनने का सुख प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. आकृति गुप्ता ने कहा कि नि:संतान दंपतियों के लिए मेडिकल साइंस में कई आधुनिक उपचार आ चुके हैं। उन्हें सामाजिक भ्रांतियों और अंधविश्वासों को त्यागकर योग्य चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए। मेडिकल साइंस में उपलब्ध आधुनिक तकनीक व उपचार को अपनाकर गर्भधारण करने के उपाय करने चाहिए। शिविर में ऐसी महिलाएं जिनको ओवरी में अंडों की कमी, ओवरी में सिस्ट (एंडोमेट्रियोसिस), फैलोपिन ट्यूब का जाम होना, बच्चेदानी में टीबी/गांठ, बार-बार गर्भपात होना, दो-तीन बार आईवीएफ असफल होने जैसी समस्याएं थीं, उन्हें डॉ. आकृति गुप्ता ने परामर्श व उपचार दिया। ऐसे पुरुष जिन्हें कम शुक्राणु, शुक्राणुओं का न होना व शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता की परेशानी की शिकायत थी, उन्हें भी चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के आईवीएफ सेंटर (नॉर्थ ब्लॉक, चौथी मंजिल) में सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक दंपतियों ने शिविर का लाभ उठाया। अस्पताल की आईवीएफ इंचार्ज डॉ. आकृति गुप्ता ने दंपतियों को चिकित्सीय परामर्श दिए और नि:संतानता से जुड़ी बीमारियों के आधुनिक उपचारों के बारे में सुझाव दिया। उन्होंने मरीजों की काउंसिलिंग की और समझाया कि ऐसे दंपति सही प्रक्रिया अपनाकर मातृत्व-पितृत्व सुख प्राप्त कर सकते हैं। शिविर का शुभारंभ अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय पंडिता ने किया। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में एक छत के नीचे सभी उपचार उपलब्ध हैं। नि:संतान दंपतियों के लिए आधुनिक आईवीएफ सेंटर है। वे यहां समुचित उपचार लेकर घर में शिशु की किलकारियां सुनने का सुख प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
डॉ. आकृति गुप्ता ने कहा कि नि:संतान दंपतियों के लिए मेडिकल साइंस में कई आधुनिक उपचार आ चुके हैं। उन्हें सामाजिक भ्रांतियों और अंधविश्वासों को त्यागकर योग्य चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए। मेडिकल साइंस में उपलब्ध आधुनिक तकनीक व उपचार को अपनाकर गर्भधारण करने के उपाय करने चाहिए। शिविर में ऐसी महिलाएं जिनको ओवरी में अंडों की कमी, ओवरी में सिस्ट (एंडोमेट्रियोसिस), फैलोपिन ट्यूब का जाम होना, बच्चेदानी में टीबी/गांठ, बार-बार गर्भपात होना, दो-तीन बार आईवीएफ असफल होने जैसी समस्याएं थीं, उन्हें डॉ. आकृति गुप्ता ने परामर्श व उपचार दिया। ऐसे पुरुष जिन्हें कम शुक्राणु, शुक्राणुओं का न होना व शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता की परेशानी की शिकायत थी, उन्हें भी चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
विज्ञापन