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चार साल में नहीं हो सकी नाला एनओसी घपले की जांच
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देहरादून। नियमों को ताक पर रख कर प्राकृतिक नाले को मनमाने तरीके से मोड़ने की एनओसी देने मामले की जांच चार साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। पार्षद कई बार मामले की जांच कर चुके हैं, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
वर्ष 2015 में कारगी में निगम प्रशासन की ओर से प्राकृतिक नाले को मोड़ने के लिए एनओसी जारी की गई थी। इस मामले में निगम प्रशासन पर 16 लाख रुपये का घपला करने का आरोप लगा था। मामले ने तूल पकड़ा तो इसकी जांच शासन से कराई गई। शासन ने एनओसी को रद्द करते हुए जांच के आदेश दिए। निगम की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाया तो मामले को डील करने वाले व्यक्ति ने निगम कार्यालय पहुंचकर एक अधिकारी के कमरे में खूब बवाल किया। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने उस अधिकारी को हटा दिया, लेकिन मामले की जांच आगे नहीं बढ़ सकी। पिछले वर्ष भी पार्षदों ने मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई अभी तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा सका है।
-यह मामला चार साल पुराना है। ऐसे में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसी कोई गड़बड़ी है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
-विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त
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वर्ष 2015 में कारगी में निगम प्रशासन की ओर से प्राकृतिक नाले को मोड़ने के लिए एनओसी जारी की गई थी। इस मामले में निगम प्रशासन पर 16 लाख रुपये का घपला करने का आरोप लगा था। मामले ने तूल पकड़ा तो इसकी जांच शासन से कराई गई। शासन ने एनओसी को रद्द करते हुए जांच के आदेश दिए। निगम की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाया तो मामले को डील करने वाले व्यक्ति ने निगम कार्यालय पहुंचकर एक अधिकारी के कमरे में खूब बवाल किया। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने उस अधिकारी को हटा दिया, लेकिन मामले की जांच आगे नहीं बढ़ सकी। पिछले वर्ष भी पार्षदों ने मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई अभी तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा सका है।
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-यह मामला चार साल पुराना है। ऐसे में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसी कोई गड़बड़ी है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
-विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त