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ऐसे तो नहीं हो पाएगा बाबा केदार का 'उद्धार'

Sun, 29 Mar 2015 12:58 PM IST
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 29 Mar 2015 12:58 PM IST
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costly wood dump in kedarnath dham.

केदारनाथ मंदिर में संरक्षण कार्य में सौ दिक्कतें सामने आ रही हैं। आलम यह है कि केदारनाथ मंदिर में इस्तेमाल को मंगाई गई तकरीबन 30 लाख की लकड़ी डंप है।

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वजह, मंदिर समिति फर्श में इसके इस्तेमाल को तैयार नहीं थी, जबकि एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) पहले ही इसे मंगा चुका था। कुछ लकड़ियां धाम तो कुछ दून डिपो में रखवा दी गई हैं। इनकी अब अन्य मंदिरों में इस्तेमाल की तैयारी है। मसलन अब जागेश्वर धाम स्थित मंदिर की कैनोपी तैयार करने समेत कई कार्यों में इसका प्रयोग होगा।
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कार्य में देरी का जिम्मेदार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) चेन्नई भी है। केदारनाथ में संरक्षण के कार्य के लिए की सर्वे रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।
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एएसआई ने रिपोर्ट मंगाने के लिए आईआईटी चेन्नई को पत्र लिखा है, लेकिन पखवाड़ा भर बीतने के बावजूद वहां से कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में वहां काम तो जरूर होगा, लेकिन तकनीकी सुझावों के बगैर कार्य की प्राथमिकता तय करना एएसआई के लिए मुश्किल होगा।

तीसरी दिक्कत जरूरी समय सीमा की है। एएसआई को अपने काम को अंजाम देने के लिए 100 कार्य दिवस की जरूरत होगी ही। आने वाली 24 अप्रैल को मंदिर के कपाट खुलेंगे। 15 जून से अमूमन मानसून की आमद मानी जाती है। ऐसे में आवश्यक समय संस्थान के विशेषज्ञों को मिल सकेगा या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है।


अभी यह काम बाकी

- फर्श समेत फ्रंट साइड की तरफ गेट के पत्थर लगाए जाने हैं।
- मंदिर की दो फूली हुई दीवारों को खोलकर रिसेट करना है।
- मंदिर के कुछ पत्थर बदले जाने हैं। यहां तराशे पत्थर लगेंगे।

लकड़ी अब अन्य कार्यों में प्रयोग होगी। कपाट खुलने के साथ वहां एएसआई की टीम जाएगी। आईआईटी चेन्नई की टीम की सर्वे रिपोर्ट मिल जाती तो अच्छा होता। तकनीकी तरीके से हुए सर्वे के आधार पर कार्य की प्राथमिकता तय हो सकती थी।
- वसंत स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद्, एएसआई (दून सर्किल)

लकड़ी किसने, कहां भेजी, हमें नहीं पता। हमने फर्श में लकड़ी लगाने को मना नहीं किया, बल्कि लिखित में यह सुझाव दिया था कि  लकड़ी का फर्श लगाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि वह आग न पकड़े।
- गणेश गोदियाल, अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति

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