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उत्तराखंड में भ्रष्टाचारी नौकरशाहों की अब खैर नहीं

Fri, 21 Apr 2017 09:33 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 21 Apr 2017 09:33 AM IST
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corrupt officer is on income tax radar
फाइल फोटो

आयकर विभाग ने उत्तराखंड के 35 भ्रष्ट नौकरशाहों पर कार्रवाई की तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक इन अधिकारियों के पास अकूत दौलत है। आयकर विभाग इनकी गहराई से छानबीन में जुट गया है। आने वाले समय में कई और चेहरे बेनकाब होंगे।

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विभागीय सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी से पहले तमाम नौकरशाहो ने प्रदेश में अकूत दौलत कमाई है। उनकी आय से अधिक संपत्ति की जानकारी आयकर विभाग को लगी है। इस पर विभाग ने पड़ताल तेज कर दी है। यूपी निर्माण निगम के जीएम एसए शर्मा और इससे पहले रुद्रपुर के अफसर एसपी सिंह को आयकर विभाग शिकंजे में ले चुका है।
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इसके अलावा, विभाग ने बीते दो दिनों में यूपी में वाणिज्य कर एवं परिवहन विभाग के तीन अफसरों के घर समेत अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें विभाग को वाणिज्य कर के एक अधिकारी के घर से दस करोड़ की नकदी मिली। आयकर विभाग बैंक, रजिस्ट्री ऑफिस समेत अन्य स्रोतों के जरिए वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर एनुअल इंफोर्मेशन रिपोर्ट तैयार करता है। आयकर विभाग को 31 मार्च 2017 तक की रिपोर्ट मिल गई है।
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इस रिपोर्ट में कई अधिकारियों के काले धन के कारनामे दर्ज हो गए हैं। विभाग ने रिपोर्ट के आधार पर जांच पड़ताल तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड के 35 नौकरशाह भी इस सूची में शामिल हैं। उनके खिलाफ और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे कई और अधिकारियों पर आयकर विभाग के छापे पड़ना तय माना जा रहा है।


खान अधिकारी को नोटिस
आयकर विभाग के छापे के दौरान पकड़ी गई खनन की रवन्ना बुकों को लेकर भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इकाई के निदेशक विनय शंकर पांडे ने बृहस्पतिवार को जिला खान अधिकारी को मामले में नोटिस जारी किया है। उन्होंने पूछा है कि रवन्ना बुक किन परिस्थितियों में पकड़ी गई हैं। निर्गत रवन्ना बुकों के क्रमांक और संख्या भी मांगी गई है। साथ ही यह भी जवाब मांगा गया है कि यदि विभाग ने रवन्ना बुक जारी की है तो राज्य में ई-रवन्ना व्यवस्था होने के बावजूद उन्हें वापस जमा क्यों नहीं कराया गया।

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