Coronavirus uttarakhand: सीएम के निर्देश, क्वारंटीन में गए लोगों ने सहयोग नहीं किया तो दर्ज होगा मुकदमा और लगेगा जुर्माना
- बाहर से आने वाले लोगों को छिपाने वालों और अपनी पहचान छिपाने पर भी दर्ज होगा मुकदमा
- सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर वसूला जाएगा 4 गुना जुर्माना
- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
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कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकारी भवनों में रखे गए क्वारंटीन लोग अगर असहयोग करते हैं तो उन पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। ऐसे लोग अगर डॉक्टरों से बदसलूकी करते हैं या फिर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं तो उनपर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। वहीं, नुकसान की भरपाई के लिए चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को असहयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ऐेसी सूचनाएं आ रही हैं कि क्वारंटीन में रखे कुछ लोग प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं।
कुछ जगह पर सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया है। ऐेसे लोगों पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संपत्ति के नुकसान के एवज में चार गुना जुर्माना भी उनसे वसूला जाए।
राज्य के बाहर से आए लोग अगर अपनी पहचान छिपाते हैं या उनको छिपाने में कोई मदद करता है, तो उस पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग वायरस से बचाने के लिए सलाह प्रसारित कर रहा है, उसका ही अनुसरण करें।
प्रदेश में अब तक 600 लोग कोरोंटाइन
निजामुद्दीन मरकज से होकर लौटे करीब 600 लोगो को अब तक क्वारंटीन किया गया। इनमें 308 को होम क्वारंटीन हैं। पुलिस मुख्यालय का दावा है कि जल्दी अन्य नमाजियों का भी पता लगा लिया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक अपराध अशोक कुमार ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज़ से 28 दिन में आए लोगों का पतला लगाना और उन्हें कोरोंटाइन करने की कार्यवाही चल रही हैं। अब तक 600 लोग क्वारंटीन किए जा चुके है।
इनमें 308 ऐसे हैं जिन्हें अभी होम क्वारंटीन किया गया हैं। कुछ अन्य नमाजियों के बारे में जानकारी हुई हैं, जिनके बारे में जानकारी की जा रही हैं। उधर लॉक डाउन उल्लघंन के आरोप में 87 मुकदमों में 276 लोगों की गिरफ्तारी की गई हैं।
मरकज से होकर आए 12 लोगों का कराया मेडिकल
निजामुद्दीन मरकज से लौट कर आए शहर क्षेत्र के 12 और नमाजियों का शुक्रवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला होगा। उधर अन्य नमाजियों की तलाश में पुलिस कारवाही जारी है। निजामुद्दीन मरकज से उत्तराखंड के नमाजी भी काफी तादाद में होकर आए थे।
इनमें देहरादून और हरिद्वार के नमाजी सबसे ज्यादा थे। अब तो दून पुलिस 38 लोंगो को क्वारंटीन कर चुकी हैं। गुरुवार रात आठ और नमाजियों को दून अस्पताल भर्ती कराया गया था।
राजधानी पुलिस ने शुक्रवार को 12 और ऐसे लोगों को चिन्हित किया, जो मार्च माह में निजामुद्दीन मरकज़ से होकर आये थे। पुलिस अधीक्षक नगर स्वेता चौबे ने बताया कि मेडिकल टीम ने इन लोगों से मिलकर स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इसका फैसला होगा कि उन्हें क्वारंटीन किया जाय। कुछ और नमाजियों के नाम और सामने आए हैं। उनके बारे में जानकारी पता की जा रही हैं।