Lockdown Uttarakhand: नहीं बन पा रहा पास तो परेशान न हों, यहां बनवा सकते हैं ई-पास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने बेहद जरूरी काम होने पर बाकायदा लिंक जारी कर ई-पास बनवाने की व्यवस्था जिला स्तर पर की है। जिला प्रशासन द्वारा आपात, आकस्मिक, स्वास्थ्य एवं आवश्यक सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं के लिए वाहन ई-पास निर्गत किए जा रहे हैं। इसके अलावा व्यक्तिगत आपात स्थिति में भी ई-पास के लिए आवेदन किया जा सकता है।
लोगों को हो रही परेशानी
साहब, दो दिन के लिए किसी काम से यहां आए थे, बच्चों को पड़ोसियों के भरोसे छोड़कर। अब हमें किसी भी हाल में घर लौटना है। हमारा पास बनावा दो। रिश्तेदारी में किसी की मौत हो गई। थाना-चौकियों से लेकर पालिका दफ्तर, नगर निगम और प्रशासन के पास तमाम ऐसे लोग पहुंच रहे हैं, जो चाहते हैं कि उन्हें पास देकर उनके घरों को भेज दिया जाए। जबकि उपरोक्त संस्थाओं में से किसी के पास भी एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए पास बनाने की अनुमति नहीं है।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद प्रदेश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। इसके बाद लोग जहां-तहां फंस गए। ऐसे में कई लोग जरूरतमंद हैं तो कुछ मौका-बेमौका देखकर इधर से उधर जाना चाहते हैं। लोग थाना-चौकियों के चक्कर ज्यादा काट रहे हैं। यहां तक की पहुंच वाले रसूखदारों से फोन तक करवाकर दबाव बना रहे हैं। सुबह सात बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक तमाम नाकों (बैरियर) पर लोग जुट रहे हैं।
इसके अलावा ऑलवेदर रोड का काम बंद होने से मजदूरों के पैदल नीचे उतरने का सिलसिला अभी भी जारी है। विभिन्न नाकों पर पुलिस का चमका देकर ये लोग तपोवन, मुनीकीरेती, ढालवाला और चंद्रभागा तक तो पहुंच जा रहे हैं। लेकिन, इसके बाद बाद पुलिस इनको क्वारंटीन सेंटर भेज रही है।
कार्यस्थल से पलायन कर अपने घरों की तरफ लौट रहे लोग
अधिकांश श्रमिक अपने कार्यस्थल से पलायन कर अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं। पहाड़ से तो वे किसी तरह उतर जा रहे हैं, लेकिन ऋषिकेश में तीन जनपदों की सीमाएं पड़ने के कारण पुलिस का कड़ा पहरा है। यहां जगह-जगह पुलिस ने नाके लगा रखे हैं।
जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस लगातार ड्यूटी दे रही है। इन नाकों पर ई-पास लेकर पहुंच रहे लोगों और पैदल श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है। बुधवार को दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज से तब्लीगियों के चोरी-छिपे प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पहुंचने के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस पहरा और कड़ा कर दिया।
आवश्यक सेवा वाले वाहनों में भी ड्राइवर और हेल्पर के अलावा किसी तीसरे व्यक्ति को भी नहीं जाने दिया गया। इससे पहले मानवता के नाते पुलिस बेहद जरूरतमंद लोगों को एक निश्चित दूरी तय करने की इजाजत दे भी रही थी, लेकिन दिल्ली की घटना के बाद इस पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई। इसके बाद केवल उन्हीं लोगों को आने-जाने दिया जा रहा है। जिनके पास सरकार की ओर से जारी किया गया पास है।